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कम उम्र में दिल दे रहा धोखा: 25 की उम्र में हार्टअटैक, इन लोगों को खतरा अधिक; डाॅक्टरों ने बताए बचाव के तरीके
Sun, 25 Oct 2026 02:12 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 25 Oct 2026 02:12 PM IST
सार
कम उम्र में ही युवा दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको लेकर चिकित्सकों ने आगाह करते हुए बचाव के तरीके भी बताए हैं।
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हृदय रोग की कार्यशाला में शामिल डॉक्टर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मोटापा, धूम्रपान, तनाव, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह। ये हृदय रोग की बड़ी वजह हैं। इसके चलते 25 की उम्र में भी हार्टअटैक हो रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सोसाइटी की कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0 कार्यशाला के पहले दिन डॉक्टरों ने व्याख्यान दिए।
पद्मश्री डॉ. दलजीत सिंह गंभीर ने बताया कि फास्टफूड, देर रात तक जागना, धूम्रपान, तनाव और अधूरी नींद के चलते हृदय बीमार पड़ रहा है। 25 की उम्र में हार्टअटैक हो रहे हैं। इनमें नौकरी-पेशा वाले युवा अधिक हैं। हालत ये है हार्टअटैक के मरीजों में 40 साल से कम उम्र के करीब 20 फीसदी और 30 से कम उम्र के 7 फीसदी मरीज मिल रहे हैं।
फरीदाबाद के डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पोटेशियम बढ़ने से हृदयगति रुकने और किडनी खराब होने का भी खतरा है। ऐसे में जांच करते हुए पोटेशियम पर नियंत्रण जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. सुवीर गुप्ता, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. सुमीत सेठी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. विवेका कुमार, डॉ. गजेंद्र गोयल डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. कैलाश विश्वानी, डॉ. एसके कालरा, डॉ. ईशान गुप्ता ने भी व्याख्यान दिए।
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पद्मश्री डॉ. दलजीत सिंह गंभीर ने बताया कि फास्टफूड, देर रात तक जागना, धूम्रपान, तनाव और अधूरी नींद के चलते हृदय बीमार पड़ रहा है। 25 की उम्र में हार्टअटैक हो रहे हैं। इनमें नौकरी-पेशा वाले युवा अधिक हैं। हालत ये है हार्टअटैक के मरीजों में 40 साल से कम उम्र के करीब 20 फीसदी और 30 से कम उम्र के 7 फीसदी मरीज मिल रहे हैं।
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फरीदाबाद के डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पोटेशियम बढ़ने से हृदयगति रुकने और किडनी खराब होने का भी खतरा है। ऐसे में जांच करते हुए पोटेशियम पर नियंत्रण जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. सुवीर गुप्ता, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. सुमीत सेठी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. विवेका कुमार, डॉ. गजेंद्र गोयल डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. कैलाश विश्वानी, डॉ. एसके कालरा, डॉ. ईशान गुप्ता ने भी व्याख्यान दिए।
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नसों में वसा जमने से वॉल्व ब्लॉकेज
युवाओं में तले भोजन, फास्टफूड का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके चलते नसों में वसा जमने से वाॅल्व ब्लॉकेज भी बढ़ रहे हैं। लिहाजा हार्टअटैक बढ़ रहा है। ट्राइकसपिड वाल्व इंटरवेंशन तकनीक से बिना चीरफाड़ के कैथेटर की मदद से वाल्व बदल सकते हैं। -डॉ. सुभाष चंद्रा, नई दिल्ली
परिवार में हृदय रोगी तो खतरा तीन गुना
तंबाकू और धूम्रपान की लत है और परिवार में किसी को हृदय रोग है तो ऐसे युवाओं में हार्टअटैक का खतरा तीन गुना है। इसमें परिजन को अगर 50 की उम्र में हार्टअटैक हुआ है तो उसे 10 साल पहले होने की आशंका है। ऐसे में फैमिली हिस्ट्री को कतई नजरअंदाज न करें। -डॉ. गगनदीप सिंह, गुरुग्राम
इन बातों का रखें ध्यान:
- तेज गति से रोजाना करीब 45 मिनट चलें।
- साइकिल चलाएं, योग करें, वजन न बढ़ने दें।
- 6- 8 घंटे की स्वस्थ नींद लें, देर रात तक न जागें।
- परिवार में हृदयरोगी होने पर अपनी जांच जरूर कराएं।
- फास्टफूड-जंकफूड, धूम्रपान, तंबाकू से बचें।
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