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स्मार्ट सिटी के प्रजेंटेशन को पार्षदों ने नकारा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 06 May 2015 01:57 AM IST
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स्मार्ट सिटी आखिर कैसी होती है? प्रजेंटेशन के माध्यम से पार्षदों को नागपुर से यही समझाने आई कंपनी अपने मकसद में सफल नहीं हो पाई। कुछ पार्षद योजना नहीं समझ पाए और बहुत से पार्षदों को कंपनी समझा नहीं पाई। आखिर पूरे दो घंटे की मशक्कत बेनतीजा ही रही।
मेयर इंद्रजीत सिंह आर्य की पहल पर नागपुर की कंपनी एडीसीसी इनफोक्ड प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को नगर निगम सभागार में प्रजेंटेशन दिया। कंपनी के एवीपी बीएन राव ने चेन्नई, मुंबई, नागपुर, नया रायपुर आदि शहरों का डिजिटल डेटा पेश किया। बताया कि इस डेटा के सहयोग से स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। यदि कहीं बिजली का तार टूट जाता है तो सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंट्रोल रूम में पता चला जाएगा कि कहां फॉल्ट हुआ है। सीवर और पानी की पाइप लाइन रिसाव, स्ट्रीट लाइट खराब होने की जानकारी भी मिल जाएगी। इसके लिए शहर का डिजिटल डेटा तैयार करना होगा। सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। मगर, पार्षदों ने प्रजेंटेशन को नकार दिया। उनका कहना था कि जब कंपनी के पास आगरा से संबंधित कोई जानकारी नहीं है तो शहर को स्मार्ट सिटी में कैसे तब्दील करने की योजना तैयार कर सकती है। इसको लेकर पार्षदों ने कई बार हंगामा भी किया। ऐसे में बीच में ही प्रजेंटेशन रोकना पड़ा। हालांकि कंपनी ने पार्षदों के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि वह सिर्फ डिजिटल डेटा ही तैयार नहीं करेंगे बल्कि संबंधित अनुबंध के बाद सीवर, कूड़ा, सड़क आदि के कार्य भी कर सकते हैं। इस दौरान अधिकांश पार्षद अनुपस्थित रहे।
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मेयर इंद्रजीत सिंह आर्य की पहल पर नागपुर की कंपनी एडीसीसी इनफोक्ड प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को नगर निगम सभागार में प्रजेंटेशन दिया। कंपनी के एवीपी बीएन राव ने चेन्नई, मुंबई, नागपुर, नया रायपुर आदि शहरों का डिजिटल डेटा पेश किया। बताया कि इस डेटा के सहयोग से स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। यदि कहीं बिजली का तार टूट जाता है तो सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंट्रोल रूम में पता चला जाएगा कि कहां फॉल्ट हुआ है। सीवर और पानी की पाइप लाइन रिसाव, स्ट्रीट लाइट खराब होने की जानकारी भी मिल जाएगी। इसके लिए शहर का डिजिटल डेटा तैयार करना होगा। सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। मगर, पार्षदों ने प्रजेंटेशन को नकार दिया। उनका कहना था कि जब कंपनी के पास आगरा से संबंधित कोई जानकारी नहीं है तो शहर को स्मार्ट सिटी में कैसे तब्दील करने की योजना तैयार कर सकती है। इसको लेकर पार्षदों ने कई बार हंगामा भी किया। ऐसे में बीच में ही प्रजेंटेशन रोकना पड़ा। हालांकि कंपनी ने पार्षदों के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि वह सिर्फ डिजिटल डेटा ही तैयार नहीं करेंगे बल्कि संबंधित अनुबंध के बाद सीवर, कूड़ा, सड़क आदि के कार्य भी कर सकते हैं। इस दौरान अधिकांश पार्षद अनुपस्थित रहे।
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