डेंग-बुखार का कहर: कासगंज में बालिका समेत चार की मौत, एटा में शिक्षक समेत दो ने तोड़ा दम
एटा और कासगंज जिले में डेंगू और बुखार का कहर जारी है। न मरीजों की संख्या थम रही है और न ही मौत का सिलसिला। रोज कोई न कोई बीमार से दम तोड़ रहा है। कई गांव ऐसे हैं, जहां घर-घर चारपाई बिछी है।
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कासगंज जिले में डेंगू और बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को बालिका सहित चार लोगों की जान डेंगू ने निगल ली। जिससे मौत का आंकड़ा बढ़कर 106 पर पहुंच गया है। जिले के ढोलना क्षेत्र के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
ढोलना निवासी नजमा (12) पुत्री अवरार को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने डेंगू बताया। काफी इलाज के बाद भी बालिका की हालत में सुधार नहीं हुआ। उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इसी गांव के पप्पू (30) को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इसके बाद परिजन उसे अलीगढ़ लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
ढोलना में अब तक चार की मौत
ढोलना में अब तक चार लोगों की मौत डेंगू से हो चुकी है। जबकि काफी संख्या में लोग बीमार चल रहे हैं। बाहरी जिलों में उनका इलाज चल रहा है। इसी क्षेत्र के नगला भूड़ निवासी होतीलाल(55) पुत्र भूदेव को चार दिन पहले बुखार आया था।
परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्स ने डेंगू बताया। इसके बाद परिजन उनको आगरा ले गए। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। फिरोजपुर निवासी मुन्नी देवी पत्नी मोहर सिंह को पांच दिन से आ रहा था।
निजी चिकित्सक ने उनको डेंगू बताया। इसके बाद से उनका निजी चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इन मौतों के बाद से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
एटा में डेंगू से शिक्षक सहित दो की मौत
एटा के गांव सिरसा बदन में बुख़ार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गांव निवासी एक शिक्षक सहित दो की मौत हो गई। पवन पुत्र महावीर उम्र लगभग 32 वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग बहराइच के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पद पर तैनात थे। कुछ दिन पहले घर आए थे।
पवन को दो दिन पहले बुखार आया। जिसका उपचार अलीगढ़ स्थित निजी अस्पताल में कराया जा रहा था, जहां बुधवार रात दम तोड़ दिया। वहीं गांव की रूपवती पत्नी सुरेश उम्र 35 वर्ष की बुख़ार से जान चली गई। जिसका मारहरा में एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था।