आगरा: इनर रिंग रोड करार में गड़बड़ी के मामले में छह अमीन दोषी, एडीए ने कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
श्याम सिंह चाहर की शिकायत के बाद इनर रिंग रोड योजना में हुए करारों की जांच एडीएम प्रशासन और एडीएम सिटी ने की, जिसमें अमीनों को अधूरे और अपूर्ण करार भरने का दोषी पाया गया है। इन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
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आगरा में इनर रिंग रोड योजना और इनर रिंग रोड के लैंड पार्सल योजना में भूमि अधिग्रहण के लिए किए गए करार में गड़बड़ी मिलने पर जांच कमेटी ने छह अमीनों समेत कुल 8 कर्मचारियों को दोषी करार दिया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में कार्रवाई की संस्तुति की है।
श्याम सिंह चाहर की शिकायत के बाद इनर रिंग रोड योजना में हुए करारों की जांच एडीएम प्रशासन और एडीएम सिटी ने की, जिसमें अमीनों को अधूरे और अपूर्ण करार भरने का दोषी पाया गया है। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी और सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार की जांच कमेटी के बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने 4 अगस्त को जांच कमेटी बनाई।
ये पाए गए दोषी
एडीए सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली एडीए की 5 सदस्यीय जांच कमेटी ने प्राधिकरण के अमीनों बंगाली बाबू शर्मा, होतम सिंह, राजीव शर्मा, लक्ष्मी नारायण, जितेंद्र कुमार, इंद्रपाल सिंह और यूपीएसआईडीसी के दो कर्मचारियों को दोषी पाया है। एडीए सचिव की जांच रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार शाम को एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में बताया है कि 6 अमीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
नोटिस में तारीख नहीं
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि रहनकलां के गाटा संख्या 621 में 22 लाख रुपये का ज्यादा भुगतान किया गया, वहीं गुतिला, गंगरुआ, बरौली अहीर, देवरी के किसानों को जारी नोटिस में तारीख ही नहीं है। कब्जे के पूर्व 80 फीसदी अग्रिम प्रतिकर देने को लेकर विधिवत नोटिस नहीं दिए गए।
रायपुर में 11 करार रोड के किनारे हैं, जिन्हें 1258 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर दी गई। पांच करारों को 845 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा दिया गया। रहनकलां और रायपुर के 30 करार पत्रों में रोड किनारे की दूरी बताई गई, पर भुगतान रोड के अंदर स्थित भूखंड की दर से किया गया।