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मुसीबत- फिलहाल निजी संसाधनों से ही करनी होगी फसलों की सिंचाई

Sun, 20 Dec 2020 10:29 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 10:29 PM IST
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sinchai
कासगंज। किसानों को फिलहाल अभी नहर, माइनरों से पानी नहीं मिल पाएगा। फसलों की सिंचाई के लिए उन्हें निजी संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। व्यवस्था की अनदेखी किसानों की मुसीबत बढ़ाए हुए है।
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तभी तो निर्देश मिलने के बाद भी रविवार से नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका। कारण रहा कि गोरहा नहर में गेट निर्माण का जो काम चल रहा है वह अधूरा है। काम पूरा न होने तक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सकेगा। विभाग का दावा है कि काम पूरा होने में कम से कम सात दिन का समय लगेगा।
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नहरों में पानी रोस्टर के अनुसार छोड़ा जाता है। जब खेतों की पलेवा हो रही थी तब भी नहर, माइनर सूखे थे। बुवाई के बाद पहली सिंचाई हुई तभी पानी नहीं मिल पाया और अब जब दूसरी सिंचाई की तैयारी में किसान जुटे हैं तब भी नहरें सूखी हैं।
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जबकि रविवार से रोस्टर के मुताबिक नहरों में पानी छोड़े जाने के निर्देश थे। तब भी पानी नहीं छोड़ा जा सका। गोरहा नहर में जहां से हजारा नहर का लिंक है वहां एक गेट बनवाया जा रहा है। जिससे कि पानी का फ्लो समय समय पर कम ज्यादा किया जाता रहे। इस गेट का निर्माण वैसे तो 20 दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय में गेट का काम पूरा नहीं हो पाया। विभाग अब दावा कर रहा है कि 5 से 7 दिन में काम पूरा करा लिया जाएगा। फिर नहर के माध्यम से माइनरों में पानी छोड़ दिया जाएगा।
इन फसलों को है सिंचाई की जरूरत
नहर माइनरों से सिंचाई का एक बड़ा क्षेत्रफल निर्भर है। इन दिनों खेतों में गेहूं, जौ, मटर, सरसों, आलू की फसल खड़ी हुई है। अगैती फसलों में द्वितीय पानी की जरूरत है। जबकि पिछैती फसलों में पहले पानी की जरूरत है। किसानों को नहर सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा।
निजी संसाधनों से बढ़ जाता है भार
नहरों से सिंचाई का लाभ न मिल पाने से किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में निजी संसाधनों से सिंचाई महंगी होती है और किसानों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। किसान हरवीर सिंह का कहना है कि पंपिंग सेट और निजी नलकूपों से सिंचाई काफी महंगी होती है।

वर्जन-
- फर्रुखाबाद ब्रांच की गोरहा नहर में गेट निर्माण का काम चल रहा है। इसलिए नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। वैसे रविवार को पानी छोड़ा जाना था लेकिन अभी पांच से सात दिन काम में और लग जाएंगे। उसके बाद ही नहर में पानी छोड़ा जा सकेगा। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग ।
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