{"_id":"5ff5916f8ebc3e2e3f1ccc0d","slug":"shrine-of-marhara-sharif-will-be-seen-changing","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी दरगाह की बदलेगी रंगत, जायरीनों को मिलेंगी अधिक सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी दरगाह की बदलेगी रंगत, जायरीनों को मिलेंगी अधिक सुविधाएं
Thu, 07 Jan 2021 12:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:02 AM IST
विज्ञापन
मारहरा शरीफ की दरगाह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा के मारहरा शरीफ स्थित दरगाह अब बदली-बदली नजर आएगी। जायरीनों की सुविधा के लिए यहां पर्यटन विभाग 50 लाख रुपये से विकास कार्य कराएगा। विश्व विख्यात खानकाह-ए-बरकातिया पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी दरगाह है। यहां से बरेली शरीफ के आला हजरत मुरीद हुए हैं, जिनका नाम दुनियां में फैला। यहां उर्स के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर कासगंज रोड पर मिरहची होते हुए मारहरा को रास्ता जाता है। दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने बताया कि उनके वंशज बगदाद शरीफ से यहां आए थे। यहां सात कुतुब अभी भी मौजूद हैं। दरगाह में हर वर्ष तीन बार उर्स का आयोजन किया जाता है। देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीनों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग यहां विकास कार्य कराएगा। इससे यहां आने वाले जायरीनों को माहौल बदला-बदला नजर आएगा, वहीं विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
ये भी पढ़ें- खेतीबाड़ी को लेकर बदली किसान ने सोच, बाग में उगाए एप्पल बेर, मिली नई राह
विज्ञापन
इसके लिए विभाग ने सर्वे पूर्ण कर लिया है। पर्यटन विभाग द्वारा करीब पचास लाख रुपये की लागत से दरगाह शरीफ से रेलवे स्टेेशन तक सोलर लाइट लगाएगा। सोलर लाइट लगाने का उद्देश्य बिजली न आने पर भी लोगों को रात के अंधकार से निजात मिलेगी, वहीं पालिका पर विद्युत बिल का भार नहीं पड़ेगा।
ये भी पढ़ें- सैलानी बढ़े तो चमकने लगे नन्हें ताजमहल, हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को मिली ऑक्सीजन
यह भी होंगे विकास कार्य
मारहरा शरीफ में पर्यटन विभाग उर्स के समय आने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए जगह-जगह यात्री शेड और सुलभ प्रसाधन बनवाएगा। इसके साथ ही मिरहची और रेलवे स्टेशन से मारहरा शरीफ तक जाने वाले रास्ते पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे वहीं तकरीर स्थल को भी सोलर लाइटों से जगमग किया जाएगा।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर कासगंज रोड पर मिरहची होते हुए मारहरा को रास्ता जाता है। दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने बताया कि उनके वंशज बगदाद शरीफ से यहां आए थे। यहां सात कुतुब अभी भी मौजूद हैं। दरगाह में हर वर्ष तीन बार उर्स का आयोजन किया जाता है। देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीनों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग यहां विकास कार्य कराएगा। इससे यहां आने वाले जायरीनों को माहौल बदला-बदला नजर आएगा, वहीं विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- खेतीबाड़ी को लेकर बदली किसान ने सोच, बाग में उगाए एप्पल बेर, मिली नई राह
विज्ञापन
इसके लिए विभाग ने सर्वे पूर्ण कर लिया है। पर्यटन विभाग द्वारा करीब पचास लाख रुपये की लागत से दरगाह शरीफ से रेलवे स्टेेशन तक सोलर लाइट लगाएगा। सोलर लाइट लगाने का उद्देश्य बिजली न आने पर भी लोगों को रात के अंधकार से निजात मिलेगी, वहीं पालिका पर विद्युत बिल का भार नहीं पड़ेगा।
ये भी पढ़ें- सैलानी बढ़े तो चमकने लगे नन्हें ताजमहल, हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को मिली ऑक्सीजन
यह भी होंगे विकास कार्य
मारहरा शरीफ में पर्यटन विभाग उर्स के समय आने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए जगह-जगह यात्री शेड और सुलभ प्रसाधन बनवाएगा। इसके साथ ही मिरहची और रेलवे स्टेशन से मारहरा शरीफ तक जाने वाले रास्ते पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे वहीं तकरीर स्थल को भी सोलर लाइटों से जगमग किया जाएगा।