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श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण: कृष्ण वंशज होने का क्या है तथ्य, मुस्लिम पक्ष ने रखे ये तर्क, मिली तारीख

Thu, 25 May 2023 08:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 25 May 2023 08:40 PM IST
सार

श्रीकृष्ण जन्मस्थान की जमीन से ईदगाह को हटाने संबंधी वाद में बहस हुई। इस दौरान मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने बड़ा सवाल ये खड़ा कर दिया कि मनीष यादव ने खुद को श्रीकृष्ण का वंशज कैसे बताया। इसका कोई तथ्य नहीं दिया है।

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shri krishna janmabhoomi Idgah case fact of Krishna being a descendant Muslim side kept this argument
श्रीकृष्ण जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीकृष्ण जन्मस्थान की जमीन से ईदगाह को हटाने के लिए किए अधिकतर दावों पर सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने विरोध जताया। बोर्ड के अधिवक्ता ने कहा कि ईदगाह को हटाने के लिए अदालत में पेश किए सभी वाद सुनवाई योग्य नहीं हैं। तीन वादों में बहस नहीं हो सकी। अदालत ने सभी मुकदमों की सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की है।
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एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी, श्रीक़ृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, मनीष यादव, रंजना अग्निहोत्री, पवन शास्त्री, अनिल त्रिपाठी, शिशिर चतुर्वेदी व आशुतोष पांडेय के मामले में सुनवाई होनी थी। न्यायाधीश रुचि तिवारी ने वादकारी और प्रतिवादियों से इस बात की सहमति तैयार की कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बहस को सभी एक जैसे मामलों में माना जाए। इस पर आठ वादकारियों ने सहमति जताई। 
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इसके बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम ने आदेश 7 नियम 11 के तहत बहस शुरू की। उन्होंने अपनी बहस मनीष यादव के वाद में शुरू की। उन्होंने कमियां बताते हुए कहा कि इस वाद में न तो 13.37 एकड़ भूमि की सीमाएं अंकित हैं और ना ही लिमिटेशन एक्ट के तहत इन्हें वाद दायर करने का ही अधिकार है। निगम ने कहा कि मनीष यादव ने खुद को श्रीकृष्ण का वंशज कैसे बताया, इसका कोई तथ्य नहीं दिया है।

अदालत के निर्देश पर यह बहस एक जैसे सभी वादों के लिए मान ली गई। अधिवक्ता हरी शंकर जैन, नोएडा निवासी नरेश यादव तथा शैलेन्द्र सिंह के वाद प्राथमिक स्तर पर होने के कारण इनमें बहस नहीं मानी गई। प्रतिवादी ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत ने सभी मुकदमों की सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की है।
 
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मुकदमा एक करने के लिए नहीं बन सकी आपसी सहमति

दरअसल अदालत अब सभी वादों को एक करना चाहती है। इसी के चलते वह सभी वादों में न केवल एक ही तारीख लगा रही है बल्कि एक ही मुद्दे पर बहस करना चाह रही है। सभी वादों को एक करने के मामले में ठाकुर केशवदेव बनाम इंतजामिया कमेटी के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि उनका वाद ही सबसे पहले दर्ज हुआ है। लिहाजा उनके वाद में ही सभी वाद शामिल किए जाएं, जबकि रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता गोपाल खंडेलवाल और हरीशंकर जैन ने अपने दावे को पहला दावा बताया।

अदालत ने कहा, वकील रहे अंदर बाकी जाएं

अदालत में भीड़ को देखकर न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट में सिर्फ वकील ही रहें, बाकी सभी बाहर चले जाएं। इसके बाद अन्य लोग न्यायालय कक्ष से बाहर चले गए।
 

हम अपनाएंगे नई रणनीति

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि अब वह अपने वाद को न्यास के माध्यम से लड़ेगे साथ ही नई रणीनीति पर वाद आगे बढ़ाने की योजना तैयार करेंगे।

हिंदू सेना के वाद में आज होगी सुनवाई

सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शुक्रवार को हिंदू सेना के वाद में सुनवाई होगी। ईदगाह इंतजामिया कमेटी द्वारा आदेश सात नियम 11 पर सुनवाई होगी तथा पक्षकार द्वारा ईदगाह पर अमीन रिपोर्ट संबंधी मांग की जाएगी। पक्षकार के अधिवक्ता शेलेन्द्र दुबे ने बताया कि वह ईदगाह के अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश को लागू करने की मांग करेंगे।
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