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श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण: अदालत में उपासना स्थल अधिनियम पर 26 अप्रैल को होगी सुनवाई

Tue, 19 Apr 2022 07:10 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 19 Apr 2022 07:10 PM IST
सार

शाही ईदगाह मस्जिद के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए उपासना स्थल अधिनियम पर बहस करने की मांग की। इस पर अदालत ने सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि नियत की है।

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shri krishna janmabhoomi case hearing on the Place of Worship Act in the court on April 26
श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में एक बार फिर से अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास, शाही ईदगाह मस्जिद एवं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने अपना-अपना पक्ष रखा। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के दावे को यह कहकर खारिज करने की मांग की कि मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है, जबकि शाही ईदगाह मस्जिद के पदाधिकारियों ने उपासना स्थल अधिनियम पर बहस करने की मांग की। उपासना स्थल अधिनियम पर अब 26 अप्रैल को सुनवाई होगी।

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ठाकुर केशवदेवजी महाराज बनाम इंतजामिया कमेटी वाद में सुनवाई के दौरान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम ने अदालत ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि वादी ने दिए गए विभिन्न प्रार्थनापत्रों की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई हैं। विभिन्न प्रार्थना पत्र तात्कालिक नहीं हैं। 

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उपासना स्थल पर बहस की मांग 

शाही ईदगाह के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने उपासना स्थल अधिनियम पर बहस की मांग की। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें बहुत कम समय के नोटिस पर अदालत में अपनी बहस करने का मौका दिया गया। इन तथ्यों के बाद अदालत ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि नियत की है। इस दिन उपासना स्थल अधिनियम पर पक्ष रखा जाएगा।

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क्या है उपासना स्थल अधिनियम

उपासना स्थल अधिनियम 18 सितंबर 1991 में संसद में पास किया गया था। इसमें कहा गया है कि 15 अगस्त 1947 तक अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। यह अधिनियम राम जन्मभूमि, बाबरी मस्जिद और उक्त स्थान या पूजा स्थल से संबंधित किसी भी वाद अपील पर लागू नहीं होगा।

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