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Agra News: पीयू महंगा होने से प्रभावित हो रहा शू कंपोनेंट कारोबार
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आगरा। कच्चा माल महंगा होने से ताजनगरी के जूता उद्योग पर संकट गहराने लगा है। पॉलीयूरेथेन (पीयू) की कीमतों में भारी उछाल के कारण सोल, केमिकल और अन्य शू कंपोनेंट्स के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इस बढ़ोतरी से स्थानीय कारोबारी और जूता निर्माण इकाइयां प्रभावित हैं। उनके लिए उत्पादन जारी रखना चुनौती साबित हो रहा है।
इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। लागत 25-30% तक बढ़ने से कारोबारियों का मुनाफा पूरी तरह खत्म हो रहा है। घरेलू व निर्यात के पुराने आदेशों की आपूर्ति पुरानी दरों पर ही करनी पड़ रही है, जिससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आगरा सोल एंड शू कंपोनेंट एसोसिएशन के महासचिव अंबा प्रसाद गर्ग ने बताया कि आगरा की हजारों छोटी व कुटीर इकाइयों में कार्यशील पूंजी का संकट खड़ा हो गया है। बाजार में नकदी का प्रवाह थमने से उधार बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में भारतीय जूते महंगे साबित हो रहे हैं, जिससे नए निर्यात आदेश मिलने में दिक्कत आ रही है। शू फैक्टर्स फेडरेशन के दिलीप खूबचंदानी ने बताया कि उत्पादन में कटौती के कारण कारखानों में काम के घंटे घटाए जा रहे हैं। सीधा असर लाखों जूता कारीगरों और श्रमिकों की आजीविका पर पड़ रहा है। आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने सरकार से पीयू की दरों पर नियंत्रण लगाने और आयात शुल्क में राहत देने की मांग की है ताकि उद्योग को मंदी की मार से बचाया जा सके।
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इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। लागत 25-30% तक बढ़ने से कारोबारियों का मुनाफा पूरी तरह खत्म हो रहा है। घरेलू व निर्यात के पुराने आदेशों की आपूर्ति पुरानी दरों पर ही करनी पड़ रही है, जिससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आगरा सोल एंड शू कंपोनेंट एसोसिएशन के महासचिव अंबा प्रसाद गर्ग ने बताया कि आगरा की हजारों छोटी व कुटीर इकाइयों में कार्यशील पूंजी का संकट खड़ा हो गया है। बाजार में नकदी का प्रवाह थमने से उधार बढ़ रही है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में भारतीय जूते महंगे साबित हो रहे हैं, जिससे नए निर्यात आदेश मिलने में दिक्कत आ रही है। शू फैक्टर्स फेडरेशन के दिलीप खूबचंदानी ने बताया कि उत्पादन में कटौती के कारण कारखानों में काम के घंटे घटाए जा रहे हैं। सीधा असर लाखों जूता कारीगरों और श्रमिकों की आजीविका पर पड़ रहा है। आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने सरकार से पीयू की दरों पर नियंत्रण लगाने और आयात शुल्क में राहत देने की मांग की है ताकि उद्योग को मंदी की मार से बचाया जा सके।
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