आगरा: जीएसटी के विरोध में जूता कारोबार रहा बंद, सात हजार से ज्यादा थोक-खुदरा दुकानों पर ताला
देश की सबसे बड़ी जूता मार्केट हींग की मंडी की सभी 25 मार्केट बंद रहीं। यहां से देश भर के व्यापारी जूते खरीदने आगरा आते हैं। जूता, कंपोनेंट, सोल समेत सात हजार दुकानों को व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में बंद रखा।
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विस्तार
जूते पर पांच से बढ़ाकर 12 फीसदी जीएसटी करने पर जूता कारोबारियों ने बुधवार को शू मार्केट हींग की मंडी में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। शहर में 7000 से ज्यादा थोक और खुदरा की दुकानें बंद रहीं, वहीं 4000 से ज्यादा छोटे कारखानो के ताले नहीं खुले। जीएसटी की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग करते हुए जूता कारोबारियों ने एकजुट होकर हींग की मंडी से कलेक्ट्रेट तक पैदल जुलूस निकाला।
केंद्र सरकार ने एक जनवरी से फुटवियर पर जीएसटी की दरों को पांच से बढ़ाकर 12 फीसदी तक कर दिया। बढ़ी दरों के विरोध में आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन समेत व्यापारिक संस्थाओ के जूता व्यापारियों ने जूलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जीएसटी की बढ़ी दर वापस लेने की मांग करते हुए बड़ी संख्या में व्यापारियों ने बिजली घर, सुभाष बाजार, धाकरान, सदर भटटी, हींग की मंडी में जुलूस निकाला।
2019 से लगातार कोरोना की चपेट में आया जूता कारोबार पहले से ही पूरी तरह से चौपट हो चुका है। जब टेक्सटाइल पर जीएसटी की बढ़ोतरी को स्थगित कर दिया गया तो फुटवियर के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया गया जबकि केंद्र सरकार दोनों उद्योगों को एक समान नजरिए से देखती रही है। गागन दास रामानी, अध्यक्ष, आगरा शू फैक्टर्स फेडशन
वित्त मंत्री की यह अजब तरीके की मनमानी है। कपड़ा व्यापारी गुजरात से आते हैं तो उनको राहत दे दी गई लेकिन फुटवियर के निर्माताओं पर बोझ डाल दिया गया। सरकार ऐसे भेदभाव से काम नहीं करती। इसे तुरंत स्थगित किया जाना चाहिए। धर्मेंद्र सोनी, जूता दस्तकार संघ
दुकानों से लेकर कारखाने तक इस बंद में शामिल रहे हैं। जूता कारोबारियों ने एकजुटता से दिखा दिया है कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है। कुलदीप सिंह, एफ ए एफ एम
लघु उद्योग भारती आगरा की जीएसटी नए प्रावधानों पर संगोष्ठी
आगरा अतिथि वन में आयोजित की गई। संगोष्ठी में जीएसटी के प्रावधानों में पिछले कुछ समय से हुए बदलावों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने कहा की बहुत से सुधारों के बावजूद जीएसटी नियमों में अभी भी बहुत सी जटिलताएं हैं ,जिसकी वजह से उद्यमी को परेशानी हो रही है। फुटवियर पर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी की जीएसटी दर निश्चित तौर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को बहुत बड़ा झटका है।
सीए निखिल गुप्ता ने 1 जनवरी 2022 से जीएसटी में जो नए बदलाव आए हैं उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि अब अपने सप्लायर की विस्तृत रूप से छानबीन करने के उपरांत थी उससे माल खरीदें क्योंकि अगर उसकी तरफ से कोई भी कमी पाई गई तो इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा । प्रावधानों के अनुसार किसी भी डिमांड की स्थिति में आपकी संपत्ति या अकाउंट्स प्रोविजनल रूप से विभाग अटैच कर सकता है ।इस बात पर भी चिंता जताई गई की नए नियमों में कुछ नियमों को पिछली तिथि से प्रभावी कर दिया गया है जो कि सर्वथा अनुचित है।
सीए गौरव गोयल ने जीएसटी के अनुपालन में हो रही तकलीफों के बारे में सुझाव दिए और उपस्थित सदस्यों को उनके द्वारा सामान्य तौर पर की जा रही गलतियों के बारे में भी बताया उसका निराकरण भी बताया। लघु उद्योग भारती आगरा महासचिव विजय गुप्ता ने सभी सदस्यों को विश्वास दिलाया कि जीएसटी विभाग से आ रही कोई भी समस्या के निदान के लिए संस्था हमेशा तत्पर है।
जूता दस्तकारों ने भी रखा बंद
जूता दस्तकार फेडरेशन ने जूता पर 5 त्न से 12 त्न जीएसटी कर दिए जाने के विरोध मे जिलाधिकारी को कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। छीपीटोला से जुलूस के रूप में जूता दस्तकार फेडरेशन के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने जीएसटी की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग उठाई।
दुकानों पर लगाए काले बैनर
जीएसटी की बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर किए गए बंद में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान के शटर पर काले बैनर लगाए जिस पर कई तरह के नारे लिखे हुए थे जिसमें केंद्र सरकार को चेताया गया। कई व्यापारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए जीएसटी बढ़ोतरी वापस लेने के नारे लिखे। सुभाष पार्क, एमजी रोड, नालबंद, सदर भट्टी, हिंग की मंडी, मंटोला, छीपीटोला, चक्की पाट, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, रामनगर पुलिया, प्रकाश नगर, टेडी बगिया, लाल मस्जिद, लंगड़े की चौकी आदि जगहों पर इकाइयों में काम बंद रहा।