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रामलीला: शिव धनुष टूटते ही गूंजा जय श्रीराम, सिया ने रघुवर को पहनाई जयमाला; जनकपुर सा छाया आनंद
Mon, 05 Oct 2026 10:37 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:37 AM IST
सार
आगरा के रामलीला मैदान में शिव धनुष भंग होते ही श्रीराम के जयघोष गूंज उठे और सिया ने रघुवर के गले में जयमाला डाल दी। इससे पहले पुष्प वाटिका में पहली बार राम-जानकी के मिलन का मनोहारी मंचन हुआ, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
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शिव धनुष टूटते ही गूंजा जय श्रीराम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
रामलीला मैदान पर सजे जनक दरबार में भगवान श्रीराम ने जैसे ही शिवधनुष उठाकर तोड़ा, लीला स्थल श्री राम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद जनक नंदिनी ने रघुवीर के गले में जयमाला डालकर विवाह के उस दिव्य प्रसंग को साकार कर दिया जिसका श्रद्धालु वर्षभर इंतजार करते हैं।
रामलीला मैदान में पांचवें दिन मंचीय लीला का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश, केशव धाम के प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार, वृंदावन के मंत्री सतीश और संयुक्त आयुक्त जीएसटी पल्लव सक्सेना ने किया। लीला के क्रम में मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ से अनुमति लेकर श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले गए। वन में ताड़का का वध, अहिल्या उद्धार का की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद जनकपुरी की पुष्प वाटिका का मनोहारी दृश्य सामने आया। जनक नंदिनी अपनी सखियों के साथ पुष्प चुनने पहुंचीं, वहीं मुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण भी वहां आए। जब पहली बार राम और जानकी की नजरें मिलीं, तो पूरा वातावरण भक्ति और प्रेम से सराबोर हो गया।
शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
धनुष यज्ञ से पूर्व लाला चन्नोमल की बारहदरी से मुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम-लक्ष्मण घोड़ों पर सवार होकर निकले। जानकी भी चार सखियों के साथ रथ पर विराजमान थीं। शोभायात्रा रावतपाड़ा, जौहरी बाजार और बिजलीघर होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वरूपों का स्वागत किया। इस अवसर पर ताराचंद अग्रवाल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी और टीएन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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किन्नर समाज ने उतारी प्रथम आरती
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि रामलीला के शुभारंभ पर किन्नर समाज की ओर से प्रभु श्रीराम की प्रथम आरती उतारने की परंपरा निभाई गई। किन्नर समाज की चांदनी और प्रीति ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी।
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रामलीला मैदान में पांचवें दिन मंचीय लीला का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश, केशव धाम के प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार, वृंदावन के मंत्री सतीश और संयुक्त आयुक्त जीएसटी पल्लव सक्सेना ने किया। लीला के क्रम में मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ से अनुमति लेकर श्रीराम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले गए। वन में ताड़का का वध, अहिल्या उद्धार का की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद जनकपुरी की पुष्प वाटिका का मनोहारी दृश्य सामने आया। जनक नंदिनी अपनी सखियों के साथ पुष्प चुनने पहुंचीं, वहीं मुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण भी वहां आए। जब पहली बार राम और जानकी की नजरें मिलीं, तो पूरा वातावरण भक्ति और प्रेम से सराबोर हो गया।
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शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
धनुष यज्ञ से पूर्व लाला चन्नोमल की बारहदरी से मुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम-लक्ष्मण घोड़ों पर सवार होकर निकले। जानकी भी चार सखियों के साथ रथ पर विराजमान थीं। शोभायात्रा रावतपाड़ा, जौहरी बाजार और बिजलीघर होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वरूपों का स्वागत किया। इस अवसर पर ताराचंद अग्रवाल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी और टीएन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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किन्नर समाज ने उतारी प्रथम आरती
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि रामलीला के शुभारंभ पर किन्नर समाज की ओर से प्रभु श्रीराम की प्रथम आरती उतारने की परंपरा निभाई गई। किन्नर समाज की चांदनी और प्रीति ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी।