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पढ़िए शिक्षामित्र का पीएम को खून से लिखा खत, याद दिलाया वादा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 27 Jul 2017 09:39 PM IST
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खून से लिखा खत
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एक शिक्षामित्र भारत के प्रधानमंत्री को खून से चिट्ठी लिखी है। इसमें उसने प्रधानमंत्री को शिक्षामित्रों को लेकर कही कई उनकी बात याद दिलाई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्र आक्रोशित हैं।
आगरा में शिक्षामित्र रवि त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है। इसमें प्रधानमंत्री को याद दिलाया है कि गया है कि 12 सितंबर 2015 को उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद उन्होंने वाराणसी में हुई सभा में शिक्षामित्रों को ढांढस बधाया था।
पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से शिक्षामित्रों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में शिक्षामित्र ने प्रधानमंत्री से सहायता करने की गुहार लगाई है। पत्र में लिखा है पीएम मोदी ने शिक्षामित्रों को अपनी जिम्मेदारी बताया था।
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बता दें कि समायोजन रद्द किए जाने के बाद गुरुवार को शिक्षामित्र एकत्रित होकर भाजपा के जयपुर हाउस स्थित ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका जल्द दाखिल करने, अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन करने की मांग की।
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आगरा में शिक्षामित्र रवि त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से चिट्ठी लिखी है। इसमें प्रधानमंत्री को याद दिलाया है कि गया है कि 12 सितंबर 2015 को उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद उन्होंने वाराणसी में हुई सभा में शिक्षामित्रों को ढांढस बधाया था।
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पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से शिक्षामित्रों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में शिक्षामित्र ने प्रधानमंत्री से सहायता करने की गुहार लगाई है। पत्र में लिखा है पीएम मोदी ने शिक्षामित्रों को अपनी जिम्मेदारी बताया था।
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बता दें कि समायोजन रद्द किए जाने के बाद गुरुवार को शिक्षामित्र एकत्रित होकर भाजपा के जयपुर हाउस स्थित ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका जल्द दाखिल करने, अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन करने की मांग की।