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शासन ने शिक्षकों के 6 करोड़ रुपये दबाए, नई पेंशन व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह मानदेय से होती है 10 प्रतिशत की कटौती
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कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में एक बड़ी अनियमितता सामने आ रही है। सरकार के शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत न्यू पेंशन स्कीम के तहत आने वाले शिक्षकों के वेतन से लगातार कटौती की जा रही है, लेकिन उनके खातों में धनराशि नहीं भेजी जा रही। पिछले नौ महीने से प्रति महीने हो रही कटौती के आधार पर लगभग 6 करोड़ रुपये सभी शिक्षकों के खातों में पहुंचने थे। रुपये न पहुंचने से मूल धन के अलावा 6 लाख रुपये तक की ब्याज का घाटा शिक्षकों को हुआ है।
वर्ष 2005 के बाद बेसिक शिक्षा में नियुक्त हुए शिक्षकों को पेंशन स्कीम से बाहर रखा गया है। जब शिक्षकों ने लंबे समय तक आंदोलन किया तो सरकार ने वर्ष 2018 में नई पेंशन व्यवस्था लागू की। इसके तहत शिक्षकों के वेतन से प्रति महीने 10 फीसद की कटौती के आदेश दिए गए और यह राशि शिक्षकों के न्यू पेंशन स्कीम खातों में जमा होनी थी, लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग ने नई पेंशन व्यवस्था के तहत शामिल हुए शिक्षकों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। इन शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह धन राशि की कटौती तो की जा रही है, लेकिन खातों में धनराशि नहीं भेजी जा रही।
एनपीएस के खातों में धनराशि न भेजे जाने से शिक्षकों को ब्याज के लाभांश का घाटा हुआ है। वर्तमान समय में 10 फीसद तक का घाटा शिक्षकों को हो रहा है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश बना हुआ है। नई पेंशन व्यवस्था के तहत शामिल शिक्षक राजवीर सिंह गौतम कहते हैं कि कई बार बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
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आंकड़े की नजर से
- 3000 शिक्षक न्यू पेंशन स्कीम के तहत जिले में हैं कार्यरत
- 600 शिक्षकों की न्यू पेंशन स्कीम के तहत वेतन से होती है कटौती
नई पेंशन व्यवस्था के तहत शिक्षकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। किसी ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यदि तकनीकि खामी से धनराशि पहुंचना बंद हुई है तो इसकी जानकारी करेंगे। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। - सुरेश यादव, लेखाधिकारी बेसिक
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वर्ष 2005 के बाद बेसिक शिक्षा में नियुक्त हुए शिक्षकों को पेंशन स्कीम से बाहर रखा गया है। जब शिक्षकों ने लंबे समय तक आंदोलन किया तो सरकार ने वर्ष 2018 में नई पेंशन व्यवस्था लागू की। इसके तहत शिक्षकों के वेतन से प्रति महीने 10 फीसद की कटौती के आदेश दिए गए और यह राशि शिक्षकों के न्यू पेंशन स्कीम खातों में जमा होनी थी, लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग ने नई पेंशन व्यवस्था के तहत शामिल हुए शिक्षकों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। इन शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह धन राशि की कटौती तो की जा रही है, लेकिन खातों में धनराशि नहीं भेजी जा रही।
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एनपीएस के खातों में धनराशि न भेजे जाने से शिक्षकों को ब्याज के लाभांश का घाटा हुआ है। वर्तमान समय में 10 फीसद तक का घाटा शिक्षकों को हो रहा है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश बना हुआ है। नई पेंशन व्यवस्था के तहत शामिल शिक्षक राजवीर सिंह गौतम कहते हैं कि कई बार बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
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आंकड़े की नजर से
- 3000 शिक्षक न्यू पेंशन स्कीम के तहत जिले में हैं कार्यरत
- 600 शिक्षकों की न्यू पेंशन स्कीम के तहत वेतन से होती है कटौती
नई पेंशन व्यवस्था के तहत शिक्षकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। किसी ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यदि तकनीकि खामी से धनराशि पहुंचना बंद हुई है तो इसकी जानकारी करेंगे। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। - सुरेश यादव, लेखाधिकारी बेसिक