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भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराईं शत्रु संपत्तियां, पंचायतों को सौंपी
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कासगंज। देश विभाजन के साथ ही भारत से पलायन कर पाकिस्तान गए लोगों की संपत्तियों(शत्रु संपत्तियों) पर अवैध कब्जे के मामले सामने आए हैं। इस पर प्रशासन सख्त कार्रवाई अमल में लाया है। संपत्तियों से भूमाफिया के कब्जे हटवाकर ग्राम पंचायतों के बोर्ड लगा दिए हैं। यह शत्रु संपत्तियां अब ग्राम पंचायतों की सुपुर्दगी में रहेंगी। प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवाकर कार्रवाई की रिपोर्ट शत्रु संपत्ति विभाग को भेज दी है।
एडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व टीमों के माध्यम से जांच कराई तो कई शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने की बात सामने आई है। कासगंज तहसील के गांव वाहिदपुर माफी में शत्रु संपत्ति पर भामो निवासी, नकीब, खिल्लू, मुकीत पुत्रगण मसीद, जहीर, सलीम, शमशेर, नवीशेर, अमीरन एवं हाल निवासी पाकिस्तान अब्दुल्ली के नाम दर्ज थे और यहां अवैध कब्जे भी थे।
इसके अलावा इसी गांव में एक अन्य शत्रु संपत्ति पर कल्लन हाल निवासी पाकिस्तान का नाम दस्तावेजों में दर्ज था। एक अन्य संपत्ति पर अमहदुल रहमान निवासी पीली कोटी अलीगढ़ का नाम दर्ज था और यहां अवैध कब्जा भी था। जिला प्रशासन ने इन संपत्तियों से अवैध कब्जे हटवाकर रिपोर्ट शत्रु संपत्ति विभाग को भेज दी है और ग्राम पंचायत को सौंप दी है।
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यहां भी हुई कार्रवाई
वाहिदपुर माफी के अलावा गांव घिनौना, किनावा, रहमतपुर माफी, ढोलना, बिरहरा, तहसील पटियाली के गांव भुजपुरा, सुनहरा, तहसील सहावर के गांव जाटऊ अशोकपुर में भी प्रशासन ने शत्रु संपत्तियों का चिह्नांकन किया और कई शत्रु संपत्तियों पर ग्राम पंचायतों के कब्जे के बोर्ड लगवा दिए गए।
तो राजस्व अभिलेखों की ओर नहीं गया ध्यान
प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज पाए गए। यहां सबसे बड़ा सवाल उठा है कि आखिर राजस्व अभिलेखों में शत्रु संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के नाम कैसे दर्ज थे, यहां तक कि फिलहाल पाकिस्तान में रह रहे दो पाकिस्तानियों के नाम अभिलेखों में पाए गए हैं।
कार्रवाई से खलबली, चिह्नांकन तेज
प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से अब खलबली मची है। एडीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टीमें गठित करें और अपने-अपने तहसील क्षेत्र में शत्रु संपत्तियों का चिह्नीकरण करने के बाद कार्रवाई करें।
- शत्रु संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद वाहिदपुरमाफी में कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, कासगंज सहावर, पटियाली तहसील क्षेत्र के अन्य कुछ ग्रामों में भी शत्रु संपत्तियां ग्राम पंचायतों के सुपुर्द की हैं। जिले में शत्रु संपत्तियों का चिह्नीकरण तेज कराया है। - अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम।
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एडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व टीमों के माध्यम से जांच कराई तो कई शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने की बात सामने आई है। कासगंज तहसील के गांव वाहिदपुर माफी में शत्रु संपत्ति पर भामो निवासी, नकीब, खिल्लू, मुकीत पुत्रगण मसीद, जहीर, सलीम, शमशेर, नवीशेर, अमीरन एवं हाल निवासी पाकिस्तान अब्दुल्ली के नाम दर्ज थे और यहां अवैध कब्जे भी थे।
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इसके अलावा इसी गांव में एक अन्य शत्रु संपत्ति पर कल्लन हाल निवासी पाकिस्तान का नाम दस्तावेजों में दर्ज था। एक अन्य संपत्ति पर अमहदुल रहमान निवासी पीली कोटी अलीगढ़ का नाम दर्ज था और यहां अवैध कब्जा भी था। जिला प्रशासन ने इन संपत्तियों से अवैध कब्जे हटवाकर रिपोर्ट शत्रु संपत्ति विभाग को भेज दी है और ग्राम पंचायत को सौंप दी है।
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यहां भी हुई कार्रवाई
वाहिदपुर माफी के अलावा गांव घिनौना, किनावा, रहमतपुर माफी, ढोलना, बिरहरा, तहसील पटियाली के गांव भुजपुरा, सुनहरा, तहसील सहावर के गांव जाटऊ अशोकपुर में भी प्रशासन ने शत्रु संपत्तियों का चिह्नांकन किया और कई शत्रु संपत्तियों पर ग्राम पंचायतों के कब्जे के बोर्ड लगवा दिए गए।
तो राजस्व अभिलेखों की ओर नहीं गया ध्यान
प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज पाए गए। यहां सबसे बड़ा सवाल उठा है कि आखिर राजस्व अभिलेखों में शत्रु संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के नाम कैसे दर्ज थे, यहां तक कि फिलहाल पाकिस्तान में रह रहे दो पाकिस्तानियों के नाम अभिलेखों में पाए गए हैं।
कार्रवाई से खलबली, चिह्नांकन तेज
प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से अब खलबली मची है। एडीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टीमें गठित करें और अपने-अपने तहसील क्षेत्र में शत्रु संपत्तियों का चिह्नीकरण करने के बाद कार्रवाई करें।
- शत्रु संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद वाहिदपुरमाफी में कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, कासगंज सहावर, पटियाली तहसील क्षेत्र के अन्य कुछ ग्रामों में भी शत्रु संपत्तियां ग्राम पंचायतों के सुपुर्द की हैं। जिले में शत्रु संपत्तियों का चिह्नीकरण तेज कराया है। - अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम।