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बड़ी कार्रवाई: कासगंज में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, जिला सचिव सहित सात निलंबित, मची खलबली

Thu, 19 Dec 2019 12:26 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 19 Dec 2019 12:26 AM IST
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Seven Lekhpal suspended including  District president of Union in Kasganj
कासगंज में हड़ताल के दौरान लेखपाल - फोटो : अमर उजाला
शासन द्वारा हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद भी हड़ताल कर रहे लेखपालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जनपद के सभी हड़ताली लेखपालों की सर्विस ब्रेक करते हुए वेतन वृद्धि रोकी गई है, जबकि लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, जिला सचिव सहित सात लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में खलबली है और लेखपाल संघ में आक्रोश बढ़ गया है।
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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर के लेखपाल प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल पर हैं। लेखपालों के हड़ताल पर होने से राजस्व कार्य प्रभावित है और फरियादियों एवं प्रमाण पत्र के आवेदन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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शासन ने लेखपालों की हड़ताल अवैध घोषित कर दी है। मंगलवार को हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद प्रशासन ने सभी हड़ताली लेखपालों का एक दिन का वेतन काटा। इसके बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे हैं। जिससे अब प्रशासन और भी सख्त हो गया है।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सोबेंद्र यादव, जिला सचिव सुदीप चौहान, कासगंज तहसील अध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, तहसील सचिव राकेश कुमार, पटियाली तहसील अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद, सहावर तहसील अध्यक्ष रामौतार शाक्य, तहसील सचिव शैलेंद्र कुमार को जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित तहसील के तहसीलदारों ने निलंबित कर दिया है। इसके अलावा सभी हड़ताली लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी है और उनका दूसरे दिन का वेतन भी काट दिया है।

कार्रवाई के डर से काम पर लौटे नौ लेखपाल
प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का नौ लेखपालों पर डर दिखाई दिया। कासगंज तहसील के पांच और पटियाली तहसील के चार लेखपाल काम पर लौट आए हैं। जबकि तहसील सहावर का एक भी लेखपाल काम पर नहीं लौटा।
 

एक नजर-
कासगंज तहसील-

- 44 लेखपाल हैं।
- पांच लेखपाल काम पर लौटे।
- 39 लेखपालों की सर्विस ब्रेक।

पटियाली तहसील-
- 60 लेखपाल हैं।
- चार लेखपाल काम पर लौटे।
- 56 लेखपालों की सर्विस ब्रेक।

सहावर तहसील-
- 35 लेखपाल हैं, सभी हड़ताल पर।
- दो लेखपाल निलंबित।
- 33 लेखपालों की सर्विस ब्रेक।

 

काम नहीं तो वेतन नहीं
लेखपालों की हड़ताल अवैध है। नो वर्क, नो वेतन लागू किया गया है। सभी एसडीएम तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि मनमानी कर हड़ताल कर रहे लेखपालों पर कार्रवाई करें- योगेंद्र कुमार, एडीएम।

उत्पीडन बर्दाश्त नहीं
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन किया जा रहा है। वहां से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन द्वारा किया जा रहा उत्पीडन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता- सोबेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष, लेखपाल संघ।
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