{"_id":"6169cc215aab1e44c73e79c3","slug":"seven-farmer-leaders-arrested-before-burning-effigy-of-pm-modi-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा: प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने से पहले सात किसान नेता गिरफ्तार, लखीमपुर खीरी कांड पर जता रहे थे विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने से पहले सात किसान नेता गिरफ्तार, लखीमपुर खीरी कांड पर जता रहे थे विरोध
Sat, 16 Oct 2021 12:14 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 Oct 2021 12:14 AM IST
सार
भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखीमपुर खीरी प्रकरण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनके हाथ में पुतला था। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई और किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
थाने में खड़े किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के रामबाग चौराहे पर लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर विरोध जताना भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने शुक्रवार को सात पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। वह प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंकना चाहते थे। सभी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
यूनियन के युवा जिला संगठन मंत्री मनीष उपाध्याय ने बताया कि लखीमपुर खीरी प्रकरण में विरोध जताने रामबाग चौराहे पर 20-25 पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनके हाथ में पुतला भी था। वह अधिकारियों को ज्ञापन भी देने वाले थे। नारेबाजी करने के दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने उनके सहित सात पदाधिकारियों को जबरन गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद थाने ले गए। इससे संगठन के पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद के हाथ में चोट लगी है।
विज्ञापन
उधर, थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय का कहना है कि एक संगठन के लोग आए थे। पुतले में लाइटर से आग लगा रहे थे। पुलिस के रोकने पर हंगामा करने लगे। इस पर सात पदाधिकारियों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष दीपक सिंह तोमर, द्वारिका प्रसाद, रुपेंद्र कुमार, मनीष उपाध्याय, सुशील तोमर, सुरेश चंद्र और कन्हैया हैं। उन्हें जमानत मिल गई।
विज्ञापन