{"_id":"61794867737a74007b456f65","slug":"set-up-your-own-industry-by-getting-loan-mainpuri-news-agr5128603102","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋण पाकर स्वयं का उद्योग स्थापित करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋण पाकर स्वयं का उद्योग स्थापित करें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने नाबार्ड द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए 2900 करोड़ की कार्ययोजना का विमोचन किया। बैंक शाखाओं द्वारा स्वत: रोजगार स्थापना के लिए 101 करोड़ 60 लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए।
डीएम ने कहा कि बैंक की इस पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, किसानों, स्वयं का उद्योग स्थापित करने वालों को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाएं, बालिकाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंक शाखाओं द्वारा विभिन्न योजनाओं में लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
आंचलिक प्रबंधक हरेश चंद्र मंगल ने बताया कि ऋण संवर्धन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोरेाना प्रभावित हुए उद्योगों को बढ़ावा देने, बेरोजगारों को स्व:रोजगार स्थापित कराकर स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण वितरण किए गए हैं। सीडीओ विनोद कुमार, उप आंचलिक प्रबंधक अजय श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक एके राठी, डीडीएम नाबार्ड अनुपम दत्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रेम कुमार तिवारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
----------
इनको दिए गए स्वीकृति पत्र
बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चतुर्भुज ऑटो फॉर्म को 1.70 करोड़, आर्यावर्त बैंक द्वारा युग फूड इंडस्ट्रीज की स्थापना के लिए वीर बहादुर सिंह को दो करोड़, फर्नीचर उद्योग के लिए मुबीन को 10 लाख, स्टील ग्रिल के लिए अहिवरन सिंह को 15 लाख, टेलरिंग शॉप के लिए सुरेंद्र कुमार को 10 लाख, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अनुज अग्रवाल को हाउसिंग योजना के तहत 53 लाख, दुर्गा स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह, नवी स्वयं सहायता समूह को एक-एक लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि बैंक की इस पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, किसानों, स्वयं का उद्योग स्थापित करने वालों को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाएं, बालिकाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंक शाखाओं द्वारा विभिन्न योजनाओं में लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
विज्ञापन
आंचलिक प्रबंधक हरेश चंद्र मंगल ने बताया कि ऋण संवर्धन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोरेाना प्रभावित हुए उद्योगों को बढ़ावा देने, बेरोजगारों को स्व:रोजगार स्थापित कराकर स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण वितरण किए गए हैं। सीडीओ विनोद कुमार, उप आंचलिक प्रबंधक अजय श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक एके राठी, डीडीएम नाबार्ड अनुपम दत्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रेम कुमार तिवारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
----------
इनको दिए गए स्वीकृति पत्र
बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चतुर्भुज ऑटो फॉर्म को 1.70 करोड़, आर्यावर्त बैंक द्वारा युग फूड इंडस्ट्रीज की स्थापना के लिए वीर बहादुर सिंह को दो करोड़, फर्नीचर उद्योग के लिए मुबीन को 10 लाख, स्टील ग्रिल के लिए अहिवरन सिंह को 15 लाख, टेलरिंग शॉप के लिए सुरेंद्र कुमार को 10 लाख, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अनुज अग्रवाल को हाउसिंग योजना के तहत 53 लाख, दुर्गा स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह, नवी स्वयं सहायता समूह को एक-एक लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए।