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लक्ष्य बनाए, समय सारिणी के अनुरूप पढ़ें, तनाव से बचे रहेंगे
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान प्रांगण में स्थित महिला अध्ययन केंद्र में मंगलवार को परीक्षा की तैयारी और तनाव प्रबंधन विषय पर छात्राओं के लिए परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने छात्राओं को समझाया कि वह लक्ष्य निर्धारित करें, समय सारिणी बनाकर निरंतर पढ़ाई करें, ऐसा करके तनाव से बचा जा सकता है।
मिशन शक्ति के तहत आयोजित सत्र में संस्थान की निदेशिका प्रो. अचला गक्खड़ ने कहा कि परीक्षाओं के बारे में कुछ तनाव महसूस करना सामान्य है। तनाव की एक छोटी सी मात्रा आपको चुनौती दे सकती है और आपको अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकती है। वनस्थली विद्यापीठ की गृह विज्ञान संकाय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्वेता दुबे ने कहा कि तनाव तभी होता है जब संसाधनों से अधिक दबाव होता है। तनाव के लक्षण थकान, पसीना, सिरदर्द और सोने में परेशानी हैं। उन्होंने छात्राओं को मल्टी टास्किंग से बचने और अपने लिए कुछ समय देने, आत्म आलोचना से बचने के साथ सांस लेने का व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया।
केएमआई के भाषा विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलम यादव ने परीक्षा के तनाव के प्रबंधन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने, समय सारिणी बनाने, कम से कम 8 घंटे की गहरी नींद लेने, उचित आहार लेने, पढ़ाई के बीच अंतराल लेने, अनुशासन बनाए रखने, अच्छा संगीत सुनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. सलीम जावेद, डॉ. संघमित्रा गौतम, डॉ. नीता कपूर, डॉ. नेहा सक्सेना, डॉ. अनुपमा गुप्ता, डॉ. दीप्ति सिंह, नेहा चतुर्वेदी व प्रिया यादव का योगदान रहा।
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मिशन शक्ति के तहत आयोजित सत्र में संस्थान की निदेशिका प्रो. अचला गक्खड़ ने कहा कि परीक्षाओं के बारे में कुछ तनाव महसूस करना सामान्य है। तनाव की एक छोटी सी मात्रा आपको चुनौती दे सकती है और आपको अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकती है। वनस्थली विद्यापीठ की गृह विज्ञान संकाय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्वेता दुबे ने कहा कि तनाव तभी होता है जब संसाधनों से अधिक दबाव होता है। तनाव के लक्षण थकान, पसीना, सिरदर्द और सोने में परेशानी हैं। उन्होंने छात्राओं को मल्टी टास्किंग से बचने और अपने लिए कुछ समय देने, आत्म आलोचना से बचने के साथ सांस लेने का व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया।
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केएमआई के भाषा विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलम यादव ने परीक्षा के तनाव के प्रबंधन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने, समय सारिणी बनाने, कम से कम 8 घंटे की गहरी नींद लेने, उचित आहार लेने, पढ़ाई के बीच अंतराल लेने, अनुशासन बनाए रखने, अच्छा संगीत सुनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. सलीम जावेद, डॉ. संघमित्रा गौतम, डॉ. नीता कपूर, डॉ. नेहा सक्सेना, डॉ. अनुपमा गुप्ता, डॉ. दीप्ति सिंह, नेहा चतुर्वेदी व प्रिया यादव का योगदान रहा।
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