फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   see satellite images of old observed Muddian

डूब क्षेत्र : सेटेलाइट के पुराने इमेज देख लगवाईं मुड्डियां

Tue, 14 Feb 2017 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Tue, 14 Feb 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
see satellite images of old observed Muddian
सातवीं बार नापजोख, छह विभागों की संयुक्त टीम दो दिन करेगी सीमांकन - फोटो : अमर उजाला
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर यमुना के डूब क्षेत्र की फिर से नापजोख शुरू की गई। मंगलवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, केंद्रीय जल आयोग, सिंचाई विभाग, जल निगम, आगरा विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने पोइया घाट से नदी के डूब क्षेत्र का फिर से निर्धारण शुरू किया। सेटेलाइट के पुराने इमेज के आधार पर टीम ने निशान लगाए और मुड्डियां लगवाईं।
विज्ञापन

यमुना के डूब क्षेत्र के सातवीं बार सीमांकन के लिए आई एक्सपर्ट की टीम ने दोपहर एक बजे से पोइया घाट पर सर्वे शुरू किया। एनजीटी में याचिकाकर्ता की आपत्ति के बाद बेंच ने सरकारी विभागों को सीमांकन पर फटकार लगाई थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने नदी के अपस्ट्रीम में पोइया घाट से लेकर गणपति वंडर सिटी तक दो किमी क्षेत्र में उन जगहों पर मुड्डियां लगाई, जहां साल 2010 में बाढ़ का पानी आ गया था। सेटेलाइट इमेज से कोआर्डिनेट लेकर नए सिरे से यह सीमांकन किया जा रहा है।
विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों ने राज्य सरकार के विभागीय अधिकारियों के साथ नदी किनारे के उन स्थानों को चिह्नित किया, जहां बाढ़ का पानी भर गया था। इन सात सालों में डूब क्षेत्र में बिल्डरों ने मलबा डालकर उसे ऊंचा कर दिया लेकिन सेटेलाइट के पुराने इमेज के आधार पर टीम ने निशान लगाए और मुड्डियां लगवाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह टीम नगला तल्फी में चिकित्सक के फार्म हाउस पहुंची, जहां फार्म हाउस के अंदर पुरानी मुडिड्यां लगी मिलीं। यह टीम दो दिन तक आगरा में रहकर डूब क्षेत्र का नए सिरे से सीमांकन करेगी। इसके लिए नई तकनीक का प्रयोग किया गया है। सूत्रों के मुताबिक साल 2010 की बाढ़ के आधार पर डूब क्षेत्र के सीमांकन में कई निर्माण आएंगे, जिससे बिल्डरों की मुसीबत और बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed