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Agra News: तीन महीने बाद भी बाजार में नहीं माध्यमिक की किताबें
Fri, 19 Jul 2024 01:05 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 19 Jul 2024 01:05 AM IST
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मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश नवीन सत्र की एनसीईआरटी की पुस्तकें सत्र शुरू होने के साढ़े तीन महीने बाद भी बाजार में नहीं उपलब्ध हैं। इससे छात्र-छात्राओं को मजबूरी में निजी प्रकाशकों की बेहद महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ रही हैं।
नवीन शिक्षा सत्र के साढ़े तीन महीने बीत चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू किया था। आधा जुलाई माह बीत जाने के बाद भी बाजार में पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इससे बच्चों के लिए अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ रही हैं। कक्षा नौ से 12 की एनसीईआरटी की पुस्तकों का सेट 500 से 900 रुपये तक आ जाता है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का सेट 2000-2500 रुपये तक मिल रहा है। इनमें भी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, अंग्रेजी आदि की किताबें अधिक महंगी हैं।
आगरा रोड स्थित पुस्तक विक्रेता रवीश कुमार ने बताया कि पुराने सत्र की एनसीईआरटी की किताबें थीं। जो कि बिक चुकी हैं। नए सेट के लिए ऑर्डर दिया हुआ है, लेकिन अभी तक नहीं आ सकी हैं। बताया कि एनसीईआरटी की अपेक्षा निजी प्रकाशकों की पुस्तकें महंगी तो आती हैं।
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नवीन शिक्षा सत्र के साढ़े तीन महीने बीत चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू किया था। आधा जुलाई माह बीत जाने के बाद भी बाजार में पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इससे बच्चों के लिए अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदनी पड़ रही हैं। कक्षा नौ से 12 की एनसीईआरटी की पुस्तकों का सेट 500 से 900 रुपये तक आ जाता है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का सेट 2000-2500 रुपये तक मिल रहा है। इनमें भी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, अंग्रेजी आदि की किताबें अधिक महंगी हैं।
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आगरा रोड स्थित पुस्तक विक्रेता रवीश कुमार ने बताया कि पुराने सत्र की एनसीईआरटी की किताबें थीं। जो कि बिक चुकी हैं। नए सेट के लिए ऑर्डर दिया हुआ है, लेकिन अभी तक नहीं आ सकी हैं। बताया कि एनसीईआरटी की अपेक्षा निजी प्रकाशकों की पुस्तकें महंगी तो आती हैं।
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