सरकारी स्कूल के 'गंदे टॉयलेट' की वजह से गई मासूम छात्रा की जान, प्रिंसिपल निलंबित
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उनका का आरोप था कि स्कूल का टॉयलेट काफी गंदा रहता है। इसलिए मजबूरी में छात्राएं स्कूल के बाहर गली में टॉयलेट के लिए जाती हैं। पुलिस ने छात्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है।
थाना उत्तर के टापाखुर्द निवासी गौरव गोस्वामी की नौ वर्षीय बेटी सुहानी गोस्वामी प्राइमरी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती थी। गुरुवार को वो स्कूल पढ़ने के लिए गई थी। स्कूल का टॉयलेट गंदा होने के कारण वो स्कूल के बाहर गली में टॉयलेट करने को चली गई थी।
नाली के पास पड़ी मिली छात्रा
परिजन छात्रा को उपचार को सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत होने के बाद मौके पर काफी भीड़ एकत्रित हो गई। इस दौरान परिजनों की स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों से काफी बहस हो गई।
पिता का आरोप था कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण बेटी की मौत हुई है। शिक्षकों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराएंगे। गुस्साए परिजनों ने स्कूल के एक कर्मचारी की स्कूटी छीन ली। लोगों का गुस्सा बढ़ता देख सभी शिक्षक स्कूल बंदकर चले गए।
...तो नहीं जाती छात्रा की जान
भले ही जिलेभर में स्वच्छ भारत अभियान से साफ-सफाई की अलख जगाई जा रही हो। लेकिन टापा खुर्द में मासूम छात्रा की करंट से मौत का कारण गंदगी ही बनी। प्राइमरी स्कूल का टॉयलेट साफ होता तो शायद उसकी मौत नहीं होती।