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शीतकालीन अवकाश: आगरा में स्कूल बंद, 14 जनवरी तक बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं
Wed, 05 Jan 2022 10:48 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 05 Jan 2022 10:48 AM IST
सार
आगरा में स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई पर भी आदेश जारी किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ मान्यता प्राप्त सभी बेसिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 14 जनवरी तक घोषित कर दिया गया है। इस अवधि में ऑनलाइन कक्षाएं भी बंद रहेंगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से तीन जनवरी को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। हालांकि, जिले में मंगलवार को कुछ बेसिक स्कूल खुले रहे।
निजी स्कूलों में अवकाश के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। वह मानकर चल रहे हैं कि शीतकालीन अवकाश महज परिषदीय विद्यालयों के लिए ही किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि मंगलवार को उनके पास कुछ स्कूल प्रबंधकों के फोन छुट्टी के संबंध में जानकारी करने के लिए आए। उन्हें बता दिया कि 14 जनवरी तक बेसिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश कर दिया गया है। इस दौरान स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
आदेश का पालन किया जाएगा
नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि पहले छुट्टी के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसलिए कुछ स्कूल खुले। बीएसए के निर्देशानुसार ही स्कूलों का संचालन किया जाएगा। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ी कक्षा में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। कोरोना प्रोटोकाल के पालन पर जोर दिया जा रहा है।
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कक्षा नौ से 12 तक पढ़ाई के दोनों विकल्प
अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि अप्सा के सदस्य स्कूलों में अभी शीतकालीन अवकाश चल रहे हैं। 14 तक कक्षा आठ के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। एहतियात के तौर पर कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई का दोनों विकल्प (ऑनलाइन व ऑफलाइन) दिया जाएगा। इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
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निजी स्कूलों में अवकाश के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है। वह मानकर चल रहे हैं कि शीतकालीन अवकाश महज परिषदीय विद्यालयों के लिए ही किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि मंगलवार को उनके पास कुछ स्कूल प्रबंधकों के फोन छुट्टी के संबंध में जानकारी करने के लिए आए। उन्हें बता दिया कि 14 जनवरी तक बेसिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश कर दिया गया है। इस दौरान स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
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आदेश का पालन किया जाएगा
नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि पहले छुट्टी के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसलिए कुछ स्कूल खुले। बीएसए के निर्देशानुसार ही स्कूलों का संचालन किया जाएगा। वहीं, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ी कक्षा में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। कोरोना प्रोटोकाल के पालन पर जोर दिया जा रहा है।
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कक्षा नौ से 12 तक पढ़ाई के दोनों विकल्प
अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि अप्सा के सदस्य स्कूलों में अभी शीतकालीन अवकाश चल रहे हैं। 14 तक कक्षा आठ के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। एहतियात के तौर पर कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई का दोनों विकल्प (ऑनलाइन व ऑफलाइन) दिया जाएगा। इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
माध्यमिक विद्यालयों के संबंध प्राथमिक में अवकाश नहीं
माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों में अभी अवकाश घोषित नहीं किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि अवकाश के संबंध में कोई विभागीय या फिर शासन से आदेश जारी नहीं किया गया है।
विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए विवश न किया जाए
अभिभावकों संघों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों की ओर से विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए विवश न किया जाए। प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस की ओर से मंगलवार को एडीएम सिटी से मांग की गई कि कोरोना थमने तक स्कूलों में पढ़ाई बंद कराई जाए। जो अभिभावक सहमति से बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं, उन्हीं को बुलाया जाए। बाकी को विवश न किया जाए। ऐसा होने पर संगठन को कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना देने के लिए विवश होना पड़ेगा। वहीं, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स के संरक्षक मनोज शर्मा का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की गई है कि स्कूलों से शासनादेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए बाध्य न किया जाए। अभिभावकों की सहमति से ही विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाए।
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माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों में अभी अवकाश घोषित नहीं किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि अवकाश के संबंध में कोई विभागीय या फिर शासन से आदेश जारी नहीं किया गया है।
विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए विवश न किया जाए
अभिभावकों संघों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों की ओर से विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए विवश न किया जाए। प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस की ओर से मंगलवार को एडीएम सिटी से मांग की गई कि कोरोना थमने तक स्कूलों में पढ़ाई बंद कराई जाए। जो अभिभावक सहमति से बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं, उन्हीं को बुलाया जाए। बाकी को विवश न किया जाए। ऐसा होने पर संगठन को कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर धरना देने के लिए विवश होना पड़ेगा। वहीं, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स के संरक्षक मनोज शर्मा का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की गई है कि स्कूलों से शासनादेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए बाध्य न किया जाए। अभिभावकों की सहमति से ही विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाए।
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