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धरने पर बवाल मचा तो ये कहने लगे BJP सांसद और SC आयोग के चेयरमैन कठेरिया
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 15 Dec 2017 09:33 AM IST
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रामशंकर कठेरिया स्कूूल में
- फोटो : अमर उजाला
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एससी आयोग के अध्यक्ष सांसद रामशंकर कठेरिया का पारा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया जब उन्होंने जगदीशपुरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय की खस्ता हालात देखी। विद्यालय का भवन जर्जर था।
वहां बच्चे पेड़ के नीचे जमीन पर बैठे थे और टायलेट की व्यवस्था नहीं थी, इससे गुस्साए सांसद स्कूल में धरने पर बैठ गए। इससे अधिकारी सकते में आ गए। सांसद ने 15 दिन के अंदर विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का अल्टीमेटम दिया है।
उधर सांसद के धरने पर बैठते ही सियासत में हलचल मच गई। लोग कहने लगे कि अपनी ही सरकार के खिलाफ कठेरिया धरना दे रहे हैं। इस पर कठेरिया ने कहा कि उन्होंने धरना नहीं दिया है। वह तो बच्चों को जमीन पर बैठा देख, उनके साथ बैठ गए थे।
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वहां बच्चे पेड़ के नीचे जमीन पर बैठे थे और टायलेट की व्यवस्था नहीं थी, इससे गुस्साए सांसद स्कूल में धरने पर बैठ गए। इससे अधिकारी सकते में आ गए। सांसद ने 15 दिन के अंदर विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का अल्टीमेटम दिया है।
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उधर सांसद के धरने पर बैठते ही सियासत में हलचल मच गई। लोग कहने लगे कि अपनी ही सरकार के खिलाफ कठेरिया धरना दे रहे हैं। इस पर कठेरिया ने कहा कि उन्होंने धरना नहीं दिया है। वह तो बच्चों को जमीन पर बैठा देख, उनके साथ बैठ गए थे।
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अधिकारियों में मचा हड़कंप
रामशंकर कठेरिया स्कूूल में
- फोटो : अमर उजाला
तय कार्यक्रम के अनुसार सांसद रामशंकर कठेरिया गुरुवार को सुबह जगदीशपुरा क्षेत्र का भ्रमण करने निकले थे। भ्रमण के दौरान उन्होंने जनता की समस्याएं सुनी और प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया। वहां के हालात देखकर सांसद भड़क गए। दरअसल स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है।
वह कभी गिर सकता है। इसकी वजह से बच्चे पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे। स्कूल में शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी। चारों और गंदगी थी और स्कूल परिसर को ड्रमों का गोदाम बना दिया गया है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सांसद ने साथ चल रही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता से जवाब तलब किया तो वे बगलें झांकने लगीं। इस पर सांसद बच्चों के बीच ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। सांसद के तेवर देख अधिकारी सकते में आ गए।
मौके पर एडीएम सिटी केपी सिंह और एसडीएम सदर श्यामलता आनंद भी पहुंच गई। सांसद ने उन्हें स्कूल की दशा सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है।
वह कभी गिर सकता है। इसकी वजह से बच्चे पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे। स्कूल में शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी। चारों और गंदगी थी और स्कूल परिसर को ड्रमों का गोदाम बना दिया गया है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सांसद ने साथ चल रही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता से जवाब तलब किया तो वे बगलें झांकने लगीं। इस पर सांसद बच्चों के बीच ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। सांसद के तेवर देख अधिकारी सकते में आ गए।
मौके पर एडीएम सिटी केपी सिंह और एसडीएम सदर श्यामलता आनंद भी पहुंच गई। सांसद ने उन्हें स्कूल की दशा सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है।
मैं धरने पर नहीं बैठा...
एससी आयोग के अध्यक्ष मैं क्षेत्र का निरीक्षण करने गया था। यह दलित बहुल क्षेत्र है। यहां की जनता की समस्याएं जानी। स्कूल की हालात बहुत खराब थी। करीब 50 वर्ष से यहां विद्यालय चल रहा है, लेकिन छोटे बच्चों को दयनीय हालात में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
बारिश होने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। मैं धरने पर नहीं बैठा था बल्कि बच्चों के बीच उनके साथ जमीन पर बैठकर ही बच्चों और अधिकारियों से बात की थी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता एसी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 15 दिन के अंदर स्कूल में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूल किराए पर है, इसलिए कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है।
मकान मालिक को तैयार किया जाएगा कि वह स्कूल में कार्य कराने की सहमति प्रदान कर दे। साथ ही जिले के सभी खस्ताहाल विद्यालयों की सूची मांगी है। सांसद निधि से कार्य कराया जाएगा। ऐसे स्कूलों की सूची भी तैयार कराई जा रही है।
बारिश होने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। मैं धरने पर नहीं बैठा था बल्कि बच्चों के बीच उनके साथ जमीन पर बैठकर ही बच्चों और अधिकारियों से बात की थी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता एसी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 15 दिन के अंदर स्कूल में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूल किराए पर है, इसलिए कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है।
मकान मालिक को तैयार किया जाएगा कि वह स्कूल में कार्य कराने की सहमति प्रदान कर दे। साथ ही जिले के सभी खस्ताहाल विद्यालयों की सूची मांगी है। सांसद निधि से कार्य कराया जाएगा। ऐसे स्कूलों की सूची भी तैयार कराई जा रही है।
हमलावर हुआ विपक्ष
जगदीशपुरा में प्राथमिक विद्यालय में धरने पर बैठे सांसद कठेरिया पर विपक्ष हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी का कहना है कि सांसद कोरा ड्रामा कर रहे हैं।
उन्हें बच्चों की इतनी ही चिंता है तो अपनी निधि से वहां काम क्यों नहीं कराया। उधर बसपा नेता दिगंबर सिंह धाकरे का कहना है कि बड़ी हैरत की बात है कि सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ रहे हैं।
जबकि वे यह भूल गए वे पिछले करीब नौ वर्ष से वे ही शहर के सांसद हैं। अब भाजपा के नौ विधायक हैं। नगर निगम पर भाजपा का कब्जा का रहा है। तब उन्हें इस विद्यालय की याद क्यों नहीं आई। दिगंबर सिंह ने कहा कि यहां रोटरी क्लब के माध्यम से यहां यहां टायलेट ब्लाक बनवाएंगे।
उन्हें बच्चों की इतनी ही चिंता है तो अपनी निधि से वहां काम क्यों नहीं कराया। उधर बसपा नेता दिगंबर सिंह धाकरे का कहना है कि बड़ी हैरत की बात है कि सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ रहे हैं।
जबकि वे यह भूल गए वे पिछले करीब नौ वर्ष से वे ही शहर के सांसद हैं। अब भाजपा के नौ विधायक हैं। नगर निगम पर भाजपा का कब्जा का रहा है। तब उन्हें इस विद्यालय की याद क्यों नहीं आई। दिगंबर सिंह ने कहा कि यहां रोटरी क्लब के माध्यम से यहां यहां टायलेट ब्लाक बनवाएंगे।