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डूडा आवास घोटालाः आरोपियों ने थमाए लोगों को फर्जी आवंटन पत्र, दो गिरफ्तार
Thu, 10 Sep 2020 11:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 10 Sep 2020 11:45 AM IST
सार
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। घोटाला सवा करोड़
रुपये का बताया गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं। मुख्य आरोपी शोएब के डूडा में किससे संबंध हैं, इसके बारे में पता किया जा रहा
है।
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ताजगंज पुलिस ने पकड़े डूडा आवास घोटाले के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के थाना ताजगंज में डूडा के मकान आवंटन के नाम पर चार लोगों से तीन-तीन लाख रुपये लेने के मुख्य आरोपी शोएब अंसारी और उसके दोस्त हैदर के ससुर आजम उर्फ मुन्ना को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी के संबंध डूडा के कुछ लोगों से हैं। उसने पूर्व में कई लोगों को मकान दिलवाए थे, लेकिन इस बार काम नहीं होने पर फर्जी आवंटन पत्र आजम की मदद से बना लिए।
ताजनगरी फेस-2 में बने कांशीराम आवास का पिछले दिनों डूडा के कर्मचारियों ने निरीक्षण किया था। यहां चार लोगों के पास फर्जी आवंटन पत्र मिले थे। कई और मकानों में लोग रह रहे थे, लेकिन वह आवंटन पत्र नहीं दिखा सके थे। इस पर जांच की गई। पीड़ितों के पत्रों के फर्जी तरीके से जारी होने की जानकारी हुई। डूडा ने मकान खाली करा लिए। पीड़ितों ने एसपी सिटी से शिकायत की।
डॉ. दीप्ति अग्रवाल मौत मामलाः फरार डॉ. एससी अग्रवाल सहित चार के गैर जमानती वारंट जारी
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एसपी सिटी ने डूडा से रिपोर्ट मांगी। जांच के बाद डूडा अधिकारी ने ताजगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद बुधवार को नाई की मंडी निवासी शोएब और डूडा आवास में रहने वाले आजम उर्फ मुन्ना को पकड़ लिया।
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ताजनगरी फेस-2 में बने कांशीराम आवास का पिछले दिनों डूडा के कर्मचारियों ने निरीक्षण किया था। यहां चार लोगों के पास फर्जी आवंटन पत्र मिले थे। कई और मकानों में लोग रह रहे थे, लेकिन वह आवंटन पत्र नहीं दिखा सके थे। इस पर जांच की गई। पीड़ितों के पत्रों के फर्जी तरीके से जारी होने की जानकारी हुई। डूडा ने मकान खाली करा लिए। पीड़ितों ने एसपी सिटी से शिकायत की।
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डॉ. दीप्ति अग्रवाल मौत मामलाः फरार डॉ. एससी अग्रवाल सहित चार के गैर जमानती वारंट जारी
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एसपी सिटी ने डूडा से रिपोर्ट मांगी। जांच के बाद डूडा अधिकारी ने ताजगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद बुधवार को नाई की मंडी निवासी शोएब और डूडा आवास में रहने वाले आजम उर्फ मुन्ना को पकड़ लिया।
फर्जी कागजात बनाने को दोस्त के ससुर से लिए मकानों के असली कागजात
सीओ सदर महेश कुमार के मुताबिक, पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उन्हें आवंटन पत्र नाई की मंडी निवासी शोएब अंसारी ने दिए थे। पुलिस ने बुधवार सुबह शोएब को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि डूडा के आवास में रहने वाले आजम उर्फ मुन्ना के दामाद हैदर निवासी चौक कागजियान, ताजगंज से उसकी दोस्ती है।
आजम के पास मकान के कागजात हैं, वह परचून का खोखा लगाते हैं। उन्होंने इन्हीं कागजात की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। कंप्यूटर से कॉपी तैयार कर ली थी। इसके बाद पीड़ितों को दी थी। हैदर फरार है। मकान आवंटन के लिए लोगों को आजम ही शोएब के पास लेकर गया था।
विभागीय संलिप्तता होने पर होगी कार्रवाई
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। घोटाला सवा करोड़ रुपये का बताया गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं। मुख्य आरोपी शोएब के डूडा में किससे संबंध हैं, इसके बारे में पता किया जा रहा है। यदि विभागीय लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में उसने किसके माध्यम से गरीबों को मकान दिलाए थे, इसकी जांच अभी जारी है।
सीओ सदर महेश कुमार के मुताबिक, पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उन्हें आवंटन पत्र नाई की मंडी निवासी शोएब अंसारी ने दिए थे। पुलिस ने बुधवार सुबह शोएब को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि डूडा के आवास में रहने वाले आजम उर्फ मुन्ना के दामाद हैदर निवासी चौक कागजियान, ताजगंज से उसकी दोस्ती है।
आजम के पास मकान के कागजात हैं, वह परचून का खोखा लगाते हैं। उन्होंने इन्हीं कागजात की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। कंप्यूटर से कॉपी तैयार कर ली थी। इसके बाद पीड़ितों को दी थी। हैदर फरार है। मकान आवंटन के लिए लोगों को आजम ही शोएब के पास लेकर गया था।
विभागीय संलिप्तता होने पर होगी कार्रवाई
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। घोटाला सवा करोड़ रुपये का बताया गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं। मुख्य आरोपी शोएब के डूडा में किससे संबंध हैं, इसके बारे में पता किया जा रहा है। यदि विभागीय लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में उसने किसके माध्यम से गरीबों को मकान दिलाए थे, इसकी जांच अभी जारी है।