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एससी आयोग के बेटे की पिटाई में पुलिस ने बदलीं धाराएं, जानिए क्या है पूरा मामला
Wed, 15 May 2019 02:20 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 15 May 2019 02:20 PM IST
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साथी पर मुकदमा दर्ज होने की सूचना पर पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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खंदारी कैंपस में एससी आयोग अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया के बेटे की पिटाई किए जाने के मामले में पुुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। पहले यह केस संगीन धाराओं में दर्ज किया गया था।
एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया। आरोप एनएसयूआई के नेताओं पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कठेरिया के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा। इसके बाद पुलिस ने केस शांति भंग की धारा में तरमीम कर लिया। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
एससी आयोग अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का आवास खंदारी कैंपस में है। उनका बेटा गोलू उर्फ दिव्यांश सोमवार शाम 5:30 बजे अपने मित्रों के साथ कैंपस मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। तभी अचानक गेंद मैदान में खड़े सतीश, गौरव शर्मा और तीन अज्ञात युवकों के पास पहुंची। आरोप लगा कि इस पर युवकों ने जातिसूचक शब्द बोलते हुए गालीगलौज शुरू कर दी। उनसे बल्ला छीन लिया। स्टंप उखाड़ दिए।
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एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया। आरोप एनएसयूआई के नेताओं पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कठेरिया के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा। इसके बाद पुलिस ने केस शांति भंग की धारा में तरमीम कर लिया। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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एससी आयोग अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का आवास खंदारी कैंपस में है। उनका बेटा गोलू उर्फ दिव्यांश सोमवार शाम 5:30 बजे अपने मित्रों के साथ कैंपस मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। तभी अचानक गेंद मैदान में खड़े सतीश, गौरव शर्मा और तीन अज्ञात युवकों के पास पहुंची। आरोप लगा कि इस पर युवकों ने जातिसूचक शब्द बोलते हुए गालीगलौज शुरू कर दी। उनसे बल्ला छीन लिया। स्टंप उखाड़ दिए।
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इसके बाद गोलू की पिटाई लगाई। शोर मचाने पर युवक भागने लगे। एससी आयोग अध्यक्ष के आवास से सुरक्षाकर्मी और परिजन आ गए। उन्होंने एक आरोपी सतीश को पकड़ लिया, जबकि उसके साथी भाग निकले। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सतीश एनएसयूआई का प्रदेश महासचिव है।
दिव्यांश के मामा शंभू ने तहरीर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बलवा, मारपीट, जानलेवा हमले की धाराओं और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया लेकिन बाद में इसे शांति भंग में तरमीम कर लिया गया। न्यू आगरा थाना पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। जांच में जो आरोप सही मिलेंगे, उनके आधार पर ही मुकदमे की धाराएं और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दिव्यांश के मामा शंभू ने तहरीर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बलवा, मारपीट, जानलेवा हमले की धाराओं और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया लेकिन बाद में इसे शांति भंग में तरमीम कर लिया गया। न्यू आगरा थाना पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। जांच में जो आरोप सही मिलेंगे, उनके आधार पर ही मुकदमे की धाराएं और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।