Shiv Mandir: आगरा के इस शिवालय की है खास मान्यता, तीन पहर में रंग बदलते हैं महादेव
आगरा के शमसाबाद रोड पर राजेश्वर मंदिर स्थापित है। राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है।
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सावन की शुरुआत हो चुकी है। ये माह भगवान शिव को अतिप्रिय है। वैसे तो हर सोमवार को शिव जी की आराधना का विधान है, लेकिन मान्यता कि अनुसार सावन के सोमवार को शिव पूजा करने से जातकों को विशेष पुण्य लाभ मिलता है। ताजनगरी आगरा में सावन के सोमवार का विशेष महत्व है। शहर के चारों कोनों पर भगवान शिव का वास है। इन शिवालयों पर हर सोमवार को मेले का आयोजन होता है। सावन के पहले सोमवार को आगरा के राजेश्वर मंदिर पर मेले की शुरुआत होगी। इस मंदिर का एक बेहद रोचक महत्व है।
करीब 850 से 900 वर्ष पुराना है इतिहास
आगरा के शमसाबाद रोड पर राजेश्वर मंदिर स्थापित है। राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि राजा खेड़ा का एक सेठ नर्मदा नदी के समीप से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था।
शिवजी ने दिया था सपना
वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक कुंआ था, वहां वह विश्राम के लिए रुका। आराम के दौरान उसे शिवजी ने सपना दिखाया कि उनको वहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन, सेठ माना नहीं और शिवलिंग ले जाने की कोशिश करने लगा पर शिवलिंग वहां से हिला नहीं और शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया गया।
तीन बार रंग बदलते हैं महादेव
राजेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। शिवलिंग सुबह की मंगला आरती के दौरान सफेद रंग, दोपहर की आरती के दौरान हल्का नीला रंग और शाम की आरती के दौरान गुलाबी रंग का प्रतीत होता है। यहां सावन के पहले सोमवार को शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटती है।