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सावन के चौथे सोमवार को घर-घर हुई भोलेनाथ की पूजा
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मैनपुरी। सावन के चौथे सोमवार को भक्तों ने घर-घर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। जलाभिषेक करके मनौतियां मांगीं। दिनभर बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। कोरोना संक्रमण के चलते शहर के अधिकतर शिवालय के कपाट बंद रहे। चांदेश्वर मंदिर में भक्तों को पूजा करने के लिए प्रवेश दिया गया।
शहर के प्रसिद्ध भीमसेन मंदिर, शीतला धाम, प्राचीन मंदिर आदि के कपाट बंद रहे। चांदेश्वर मंदिर पर कुछ भक्तों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजा की। अधिकतर भक्तों ने घरों पर ही रहकर पूजन किया। देहात और कस्बों के मंदिरों के कपाट खुले रहे। यहां सुबह से ही भक्त पूजा अर्चना के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। जलाभिषेक करके भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, पुष्प अर्पित किया।
व्रत रखने वालों को नहीं मिल सके फल
भगवान भोलेनाथ के भक्तों ने सोमवार को व्रत रखा था, लेकिन सोमवार की सुबह ही प्रशासन ने शहर का पूरा बाजार बंद करा दिया गया। इससे व्रत रखने वाले भक्तों को फल तक नहीं मिल सके। शहर के बाहरी हिस्से में फल की बिक्री हो रही थी। वहां फल विक्रेताओं ने मनमाने दाम वसूले।
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शहर के प्रसिद्ध भीमसेन मंदिर, शीतला धाम, प्राचीन मंदिर आदि के कपाट बंद रहे। चांदेश्वर मंदिर पर कुछ भक्तों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पूजा की। अधिकतर भक्तों ने घरों पर ही रहकर पूजन किया। देहात और कस्बों के मंदिरों के कपाट खुले रहे। यहां सुबह से ही भक्त पूजा अर्चना के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। जलाभिषेक करके भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, पुष्प अर्पित किया।
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व्रत रखने वालों को नहीं मिल सके फल
भगवान भोलेनाथ के भक्तों ने सोमवार को व्रत रखा था, लेकिन सोमवार की सुबह ही प्रशासन ने शहर का पूरा बाजार बंद करा दिया गया। इससे व्रत रखने वाले भक्तों को फल तक नहीं मिल सके। शहर के बाहरी हिस्से में फल की बिक्री हो रही थी। वहां फल विक्रेताओं ने मनमाने दाम वसूले।
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