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सावन विशेषः आठ लाख की जमानत पर है वन खंडेश्वर महादेव, जानिए क्या है वजह
Thu, 01 Aug 2019 01:42 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 01 Aug 2019 01:42 PM IST
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वन खंडेश्वर महादेव
- फोटो : अमर उजाला
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आज से 46 वर्ष पूर्व तीर्थनगरी सोरों के समीप भागीरथ की गुफा के सामने बने वन खंडेश्वर महादेव मंदिर से शिवलिंग चोरी हुआ था। शिवलिंग चोरी होने के बाद आस पास के श्रद्धालु ग्रामीण बेहद आहत हुए। उन्होंने शिवलिंग की बरामदगी के लिए तमाम प्रयास किए।
थाने में एफआईआर लिखाई। करीब 20 साल पहले ग्रामीणों को शिवलिंग के अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर में होने की जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने न्यायालय की शरण में जाकर शिवलिंग को अपनी सुपुर्दगी में लिया और आठ लाख रुपये की जमानत देनी पड़ी। इसके बाद मंदिर में फिर से शिवलिंग की स्थापना की गई।
यह बात सुनने में बड़ी अजीब सी लगती है कि वन खंडेश्वर महादेव को 8 लाख रुपये की जमानत के बाद अपने स्थान पर स्थापित होने का मौका मिला। शिवलिंग 1973 में चोरी हुआ। यह शिवलिंग काफी अदभुत है।
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थाने में एफआईआर लिखाई। करीब 20 साल पहले ग्रामीणों को शिवलिंग के अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर में होने की जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने न्यायालय की शरण में जाकर शिवलिंग को अपनी सुपुर्दगी में लिया और आठ लाख रुपये की जमानत देनी पड़ी। इसके बाद मंदिर में फिर से शिवलिंग की स्थापना की गई।
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यह बात सुनने में बड़ी अजीब सी लगती है कि वन खंडेश्वर महादेव को 8 लाख रुपये की जमानत के बाद अपने स्थान पर स्थापित होने का मौका मिला। शिवलिंग 1973 में चोरी हुआ। यह शिवलिंग काफी अदभुत है।
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करीब छह चोरों ने शिवलिंग के नीचे खजाना होने की संभावना को देखते हुए चोरी की थी, लेकिन शिवलिंग की चोरी में जो चोर शामिल रहे यह चोर अलीगढ़ जनपद के थे और संक्रामण के शिकार होकर चोरों की मौत होने लगी।
बताया जाता है कि जब अपने साथियों की मौत का हाल देखा तो स्वयं ही एक चोर ने यह शिवलिंग पुलिस को लौटाई। पाली मुकीमपुर पुलिस ने चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत मामला न्यायालय में भेज दिया और अद्भुत शिवलिंग को थाने में ही स्थापित कर लिया।
जब तीर्थनगरी के श्यामपुरी, शिवपुरी गांव के ग्रामीणों को शिवलिंग के थाना पाली मुकीमपुर में होने की जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने यह शिवलिंग नहीं दिया। बाद में 1999 में अलीगढ़ के जूडीशियल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शिवलिंग सौंपे जाने के संबंध में गुहार लगाई गई।
अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। शिवलिंग की कीमत का आकलन 8 लाख रुपये का अदालत ने किया और 8 लाख रुपये की जमानत देने की सोरों के पक्षकारों को निर्देश दिए। श्यामपुरी और शिवपुरी के मुरारी व सुभाष ने अपनी भूमि को बंधक बनाकर 8 लाख रुपये की जमानत दी और सोरों के ग्रामीणों को यह शिवलिंग मिल सका। शिवलिंग मिलने के बाद ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग की स्थापना की।
बताया जाता है कि जब अपने साथियों की मौत का हाल देखा तो स्वयं ही एक चोर ने यह शिवलिंग पुलिस को लौटाई। पाली मुकीमपुर पुलिस ने चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत मामला न्यायालय में भेज दिया और अद्भुत शिवलिंग को थाने में ही स्थापित कर लिया।
जब तीर्थनगरी के श्यामपुरी, शिवपुरी गांव के ग्रामीणों को शिवलिंग के थाना पाली मुकीमपुर में होने की जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने यह शिवलिंग नहीं दिया। बाद में 1999 में अलीगढ़ के जूडीशियल मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शिवलिंग सौंपे जाने के संबंध में गुहार लगाई गई।
अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। शिवलिंग की कीमत का आकलन 8 लाख रुपये का अदालत ने किया और 8 लाख रुपये की जमानत देने की सोरों के पक्षकारों को निर्देश दिए। श्यामपुरी और शिवपुरी के मुरारी व सुभाष ने अपनी भूमि को बंधक बनाकर 8 लाख रुपये की जमानत दी और सोरों के ग्रामीणों को यह शिवलिंग मिल सका। शिवलिंग मिलने के बाद ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग की स्थापना की।