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सरहदों पर अमन का पैगाम देने निकला जत्था
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 14 Nov 2015 01:51 AM IST
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सरहदों पर अमन-चैन की कामना के साथ निकले साईं मियां मीर इंटरनेशनल संस्था के सदस्यों का आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल पर भव्य स्वागत किया गया। 70 सदस्यों का यह जत्था ग्वालियर से चलकर भारत के विभिन्न शहरों में सद्भावना का संदेश देते हुआ लाहौर (पाकिस्तान) तक जाएगा।
मीडिया प्रभारी श्याम भोजवानी ने बताया कि इस संस्था के प्रेरणास्रोत सिख पंथ के पांचवें गुरु अरजन देव हैं, जिन्होंने दरबार साहिब अमृतसर की नींव का पहला पत्थर मियां मीर से रखवाकर सद्भावना का संदेश दिया था। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को ग्वालियर से निकली इस यात्रा का पहला पड़ाव आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल पर था। यहां गुरुवार को संत बाबा प्रीतम सिंह की अगुवाई में उनका स्वागत किया गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह संत बाबा प्रीतम सिंह, टीटू सिंह, हरवंश सिंह, रंजीत सिंह, गुरुदीप लूथरा, गुरुनाम सिंह आदि ने पुष्प वर्षा कर जत्थे को रवाना किया। जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। यात्रा के साथ संगत रुनकता गई, वहां भावभीनी विदाई दी गई। अमृतसर से आए प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और भाईचारे का संदेश देना है।
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मीडिया प्रभारी श्याम भोजवानी ने बताया कि इस संस्था के प्रेरणास्रोत सिख पंथ के पांचवें गुरु अरजन देव हैं, जिन्होंने दरबार साहिब अमृतसर की नींव का पहला पत्थर मियां मीर से रखवाकर सद्भावना का संदेश दिया था। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर को ग्वालियर से निकली इस यात्रा का पहला पड़ाव आगरा में गुरुद्वारा गुरु का ताल पर था। यहां गुरुवार को संत बाबा प्रीतम सिंह की अगुवाई में उनका स्वागत किया गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह संत बाबा प्रीतम सिंह, टीटू सिंह, हरवंश सिंह, रंजीत सिंह, गुरुदीप लूथरा, गुरुनाम सिंह आदि ने पुष्प वर्षा कर जत्थे को रवाना किया। जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। यात्रा के साथ संगत रुनकता गई, वहां भावभीनी विदाई दी गई। अमृतसर से आए प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और पाकिस्तान के बीच सद्भावना और भाईचारे का संदेश देना है।
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