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अखिलेश गुट समर्थकों ने पार्टी कार्यालय पर किया कब्जा
अखिलेश गुट समर्थकों ने पार्टी कार्यालय पर किया कब्जा
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:52 AM IST
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अखिलेश गुट समर्थकों ने पार्टी कार्यालय पर किया कब्जा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लखनऊ में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच दूरियां कम नहीं हो रहीं, यहां कार्यकर्ताओं में खटास बढ़ती जा रही है। रविवार को अखिलेश गुट ने शिवपाल समर्थकों को कार्यालय में नहीं घुसने दिया। इसको लेकर दोनों गुटों में टकराव की स्थिति बन गई। काफी देर तक दोनों गुटों के लोगों के बीच कार्यालय के बाहर हंगामा हुआ। इस बीच अखिलेश गुट ने कार्यालय पर कब्जा कर लिया। टकराव की स्थिति देख शिवपाल समर्थकों को उल्टे पांव लौटना पड़ा।
युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन कोहली अपनी कार्यकारिणी के विस्तार के लिए नवनियुक्त पदाधिकारियों को लेकर पूर्वाह्न लगभग साढ़े 11 बजे अपने समर्थकों के साथ फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय पहुंचे। उन्हें देखते ही कार्यालय पर ताला जड़ दिया गया। इससे युवजन सभा के कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने मुलायम सिंह के समर्थन में कार्यालय पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव भी अपने अन्य पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय पर पहुंच गए। कार्यालय पर काफी जमावड़ा हो गया। एक गुट ने मुलायम सिंह यादव और दूसरे ने अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए। दोनों गुटों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिलाध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पर कब्जा कर लिया। नितिन कोहली और उनके समर्थकों को लौटना पड़ा।
बता दें कि जिलाध्यक्ष और उनकी टीम खुलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में है। जबकि नितिन कोहली को शिवपाल खेमे का माना जाता है। पूर्व में जब मुख्यमंत्री और रामगोपाल यादव ने शिवपाल सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया तो नितिन कोहली के समर्थकों ने इसका विरोध करते हुए रामगोपाल यादव का पुतला फूंका था।
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इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजपाल यादव, अनिल रावत, निर्वेश, मदन मोहन शर्मा आदि मौजूद थे। पूर्व शहर उपाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या उनका समर्थन वाले किसी नेता का विरोध करने वालों के लिए कार्यालय में कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या रामगोपाल यादव का विरोध करने वाले कार्यालय पर कब्जा करने आए थे। उन्हें खदेड़ दिया गया। वैसे भी नितिन कोहली ने कार्यक्रम की पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी।
- राम सहाय यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
हम पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हमारा हंगामे का कोई मकसद नहीं था। युवजन सभा के विस्तार के संबंध में बैठक करने पहुंचे थे। कार्यालय का ताला बंद होने पर जिलाध्यक्ष को फोन कर कार्यालय खुलवाने की मांग की गई थी। मगर, उन्होंने रविवार को कार्यालय बंद होने का हवाला दिया। इसके चलते हम लोग लौट गए।
- नितिन कोहली, प्रदेश उपाध्यक्ष, युवजन सभा
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युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन कोहली अपनी कार्यकारिणी के विस्तार के लिए नवनियुक्त पदाधिकारियों को लेकर पूर्वाह्न लगभग साढ़े 11 बजे अपने समर्थकों के साथ फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय पहुंचे। उन्हें देखते ही कार्यालय पर ताला जड़ दिया गया। इससे युवजन सभा के कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने मुलायम सिंह के समर्थन में कार्यालय पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव भी अपने अन्य पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय पर पहुंच गए। कार्यालय पर काफी जमावड़ा हो गया। एक गुट ने मुलायम सिंह यादव और दूसरे ने अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए। दोनों गुटों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिलाध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पर कब्जा कर लिया। नितिन कोहली और उनके समर्थकों को लौटना पड़ा।
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बता दें कि जिलाध्यक्ष और उनकी टीम खुलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में है। जबकि नितिन कोहली को शिवपाल खेमे का माना जाता है। पूर्व में जब मुख्यमंत्री और रामगोपाल यादव ने शिवपाल सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया तो नितिन कोहली के समर्थकों ने इसका विरोध करते हुए रामगोपाल यादव का पुतला फूंका था।
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इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजपाल यादव, अनिल रावत, निर्वेश, मदन मोहन शर्मा आदि मौजूद थे। पूर्व शहर उपाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या उनका समर्थन वाले किसी नेता का विरोध करने वालों के लिए कार्यालय में कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या रामगोपाल यादव का विरोध करने वाले कार्यालय पर कब्जा करने आए थे। उन्हें खदेड़ दिया गया। वैसे भी नितिन कोहली ने कार्यक्रम की पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी।
- राम सहाय यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
हम पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हमारा हंगामे का कोई मकसद नहीं था। युवजन सभा के विस्तार के संबंध में बैठक करने पहुंचे थे। कार्यालय का ताला बंद होने पर जिलाध्यक्ष को फोन कर कार्यालय खुलवाने की मांग की गई थी। मगर, उन्होंने रविवार को कार्यालय बंद होने का हवाला दिया। इसके चलते हम लोग लौट गए।
- नितिन कोहली, प्रदेश उपाध्यक्ष, युवजन सभा