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सपा की लड़ाई खुलकर सड़क पर आई
सपा की लड़ाई खुलकर सड़क पर आई
Updated Mon, 24 Oct 2016 12:50 AM IST
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सपा की लड़ाई खुलकर सड़क पर आई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार में छिड़ी रार का असर कार्यकर्ताओं तक पहुंच चुका है। सरकार से शिवपाल सिंह यादव की बर्खास्तगी से उनके समर्थक जहां हैरान और परेशान हैं, दूसरी ओर सीएम अखिलेश यादव का खेमा उत्साह से भर गया है। उन्होंने अमर सिंह के पुतले फूंके हैं। मिठाई भी बांटी गई है। उथल-पुथल के बीच कई नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।
शिवपाल की सरकार से बर्खास्तगी के कुछ घंटे बाद समाजवादी छात्रसभा ने अमर सिंह का पुतला फूंका। रविवार दोपहर को राजामंडी चौराहा पर प्रदर्शन करते हुए छात्रसभा के सदस्यों ने कहा कि अमर सिंह ने ही समाजवादी परिवार में आग लगाई है। कहा कि अमर सिंह जहां भी रहे, वहां विघटन ही कराया।
प्रदर्शनकारियों ने अमर सिंह को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। छात्रसभा के महानगर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा के नेतृत्व में पुतला फूंका गया। इस दौरान आफताब कुरैशी, अंकित वर्मा, पुनीत सिंह, मोनू सिंह, रजत सारस्वत, विक्की कुमार आदि मौजूद थे।
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शाम को तमाम सपाई शहीद स्मारक पहुंचे। यहां भी अमर सिंह का पुतला फूंका। वहीं, शिवपाल को सरकार से हटाए जाने पर मिठाई बांटकर हर्ष व्यक्त किया। पूर्व महानगर महासचिव मनोज कुलश्रेष्ठ ने कहा कि शिवपाल को बर्खास्त कर अखिलेश यादव ने सरकार से गंदगी साफ की है। इस दौरान अवनींद्र यादव, तेज पाल यादव, अंकित जैन, सुभाष शर्मा आदि मौजूद थे। इसके अलावा अन्य जगह पर अखिलेश के इस फैसले को उचित बताते हुए कुछ सपाइयों ने मिठाई भी बांटी।
वहीं, शिवपाल की बर्खास्तगी के बाद उनके समर्थक कमला नगर स्थित नितिन कोहली के आवास पर एकत्रित हुए। यहां पर अखिलेश यादव के फैसले का जमकर विरोध किया गया। राकेश अडवाणी, युनिश खान, दिलीप लवानिया, करनवीर आदि शिवपाल के समर्थन में लखनऊ रवाना हो गए हैं। परिवार में फिर भड़की कलह के बाद से फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय पर सन्नाटा पसर गया है। तमाम पदाधिकारियों के साथ-साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।
तो शिवपाल के करीबी अफसरों का बंधेगा बोरिया-बिस्तर
आगरा।सपा हाईकमान में शुरू हुई आर-पार की लड़ाई का असर जल्द ही ब्यूरोक्रेसी पर भी देखने को मिल सकता है। खासतौर से आगरा मंडल में। यहां सपा का गढ़ कहे जाने वाले फीरोजाबाद और मैनपुरी समेत लगभग सभी जनपदों में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव के करीबी अफसरों की बड़ी फौज तैनात बताई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अभी तक इनकी पसंद से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग होती रही है। लेकिन अब सीएम अखिलेश यादव के तेवर बदले हुए हैं। माना जा रहा है कि शिवपाल के नजदीकी अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। उनका बोरिया बिस्तर गोल हो सकता है।
फीरोजाबाद से रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव सांसद हैं। मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के पोते तेजवीर सिंह यादव सांसद है। माना जाता है कि इन जनपदों में अधिकारियों की पोस्टिंग में दोनों नेताओं की पसंद-नापसंद का ख्याल रखा जाता रहा है। आगरा से सीएम अखिलेश यादव को खास लगाव रहा है। यहां रामगोपाल के चहेते अधिकारी न केवल तैनात किए जाते रहे हैं बल्कि उनकी चली भी खूब है। पीडब्ल्यूडी और सिंचाई महकमे शिवपाल के पास रहे हैं। इनमें उनकी पसंद के अधिकारियों की तैनाती हैरानी की बात नहीं।
आगरा नगर निगम में भी शिवपाल केकरीबी अधिकारी बताए जाते हैं। शिवपाल यादव के नजदीकी कई अफसर ऐसे भी हैं जो काफी समय से आगरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में ही रहे हैं। इनमें कई अफसर पुलिस में भी पिछले दिनों आगरा तैनाती पर आए हैं तो कई आगरा से फीरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा भेजे गए हैं।
अब अखिलेश और शिवपाल यादव में जिस तरह वार-पलटवार शुरू हुई हैं, उससे अफसर भी सहमे हुए हैं। डर इस बात का है कि इस लड़ाई का असर उन पर न पड़ जाए। दोनों गुटों के नेताओं की यहां कमी नहीं है। अधिकारियों के बारे में भी ऊपर तक रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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शिवपाल की सरकार से बर्खास्तगी के कुछ घंटे बाद समाजवादी छात्रसभा ने अमर सिंह का पुतला फूंका। रविवार दोपहर को राजामंडी चौराहा पर प्रदर्शन करते हुए छात्रसभा के सदस्यों ने कहा कि अमर सिंह ने ही समाजवादी परिवार में आग लगाई है। कहा कि अमर सिंह जहां भी रहे, वहां विघटन ही कराया।
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प्रदर्शनकारियों ने अमर सिंह को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। छात्रसभा के महानगर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा के नेतृत्व में पुतला फूंका गया। इस दौरान आफताब कुरैशी, अंकित वर्मा, पुनीत सिंह, मोनू सिंह, रजत सारस्वत, विक्की कुमार आदि मौजूद थे।
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शाम को तमाम सपाई शहीद स्मारक पहुंचे। यहां भी अमर सिंह का पुतला फूंका। वहीं, शिवपाल को सरकार से हटाए जाने पर मिठाई बांटकर हर्ष व्यक्त किया। पूर्व महानगर महासचिव मनोज कुलश्रेष्ठ ने कहा कि शिवपाल को बर्खास्त कर अखिलेश यादव ने सरकार से गंदगी साफ की है। इस दौरान अवनींद्र यादव, तेज पाल यादव, अंकित जैन, सुभाष शर्मा आदि मौजूद थे। इसके अलावा अन्य जगह पर अखिलेश के इस फैसले को उचित बताते हुए कुछ सपाइयों ने मिठाई भी बांटी।
वहीं, शिवपाल की बर्खास्तगी के बाद उनके समर्थक कमला नगर स्थित नितिन कोहली के आवास पर एकत्रित हुए। यहां पर अखिलेश यादव के फैसले का जमकर विरोध किया गया। राकेश अडवाणी, युनिश खान, दिलीप लवानिया, करनवीर आदि शिवपाल के समर्थन में लखनऊ रवाना हो गए हैं। परिवार में फिर भड़की कलह के बाद से फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय पर सन्नाटा पसर गया है। तमाम पदाधिकारियों के साथ-साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है।
तो शिवपाल के करीबी अफसरों का बंधेगा बोरिया-बिस्तर
आगरा।सपा हाईकमान में शुरू हुई आर-पार की लड़ाई का असर जल्द ही ब्यूरोक्रेसी पर भी देखने को मिल सकता है। खासतौर से आगरा मंडल में। यहां सपा का गढ़ कहे जाने वाले फीरोजाबाद और मैनपुरी समेत लगभग सभी जनपदों में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव के करीबी अफसरों की बड़ी फौज तैनात बताई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अभी तक इनकी पसंद से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग होती रही है। लेकिन अब सीएम अखिलेश यादव के तेवर बदले हुए हैं। माना जा रहा है कि शिवपाल के नजदीकी अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। उनका बोरिया बिस्तर गोल हो सकता है।
फीरोजाबाद से रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव सांसद हैं। मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के पोते तेजवीर सिंह यादव सांसद है। माना जाता है कि इन जनपदों में अधिकारियों की पोस्टिंग में दोनों नेताओं की पसंद-नापसंद का ख्याल रखा जाता रहा है। आगरा से सीएम अखिलेश यादव को खास लगाव रहा है। यहां रामगोपाल के चहेते अधिकारी न केवल तैनात किए जाते रहे हैं बल्कि उनकी चली भी खूब है। पीडब्ल्यूडी और सिंचाई महकमे शिवपाल के पास रहे हैं। इनमें उनकी पसंद के अधिकारियों की तैनाती हैरानी की बात नहीं।
आगरा नगर निगम में भी शिवपाल केकरीबी अधिकारी बताए जाते हैं। शिवपाल यादव के नजदीकी कई अफसर ऐसे भी हैं जो काफी समय से आगरा, फीरोजाबाद और मैनपुरी में ही रहे हैं। इनमें कई अफसर पुलिस में भी पिछले दिनों आगरा तैनाती पर आए हैं तो कई आगरा से फीरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा भेजे गए हैं।
अब अखिलेश और शिवपाल यादव में जिस तरह वार-पलटवार शुरू हुई हैं, उससे अफसर भी सहमे हुए हैं। डर इस बात का है कि इस लड़ाई का असर उन पर न पड़ जाए। दोनों गुटों के नेताओं की यहां कमी नहीं है। अधिकारियों के बारे में भी ऊपर तक रिपोर्ट भेजी जा रही है।