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संस्कृत महाविद्यालय बंद कराने की कोशिश

Sat, 06 Jun 2015 02:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sat, 06 Jun 2015 02:00 AM IST
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Sanskrit college trying to stop
गुड़ की मंडी स्थित विद्याधर्म वर्द्धिनी महाविद्यालय को बंद कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसको बेचने की योजना है। इस लिहाज से महाविद्यालय भवन की तोड़फोड़ भी की गई। मामले की शिकायत होने पर पुलिस ने तोड़फोड़ का काम रुकवा दिया है। एडीएम सिटी ने एसीएम पंचम और सीओ सदर को मामले की जांच सौंपी है। एक हफ्ते में रिपोर्ट देनी है।
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महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य ने 18 मार्च 2015 को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखा था। इसमें बताया गया कि पूर्व प्रबंधक महाविद्यालय की भूमि को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर 22 मई 2015 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने आगरा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया। छात्र और संस्था हित में महाविद्यालय की संपत्ति को अनधिकृत रूप से खरीदने और बेचने की कार्यवाही को रोकने की मांग की। संबंधित के खिलाफ जांच कराकर, नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है। उसकी प्रति एसएसपी, डीआईओएस को भी भेजी गई।
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 दो जून को डीआईओएस के यहां से एसएसपी को पत्र लिखा गया, इसमें भूमाफियाओं द्वारा महाविद्यालय में तोड़फोड़ करने की जानकारी दी गई और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। गुरुवार को पुलिस ने तोड़फोड़ का कार्य रुकवा दिया।  
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1952 में मान्यता मिली
विद्याधर्म वर्द्धिनी महाविद्यालय का संचालन सौ वर्ष से भी पहले से हो रहा है। वर्ष 1952 में इसको मान्यता मिली। यह संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी से संबद्ध है। वर्तमान में विद्यालय में कार्यवाहक प्राचार्य को मिलाकर कुल तीन शिक्षक तैनात हैं। वहीं 92 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। प्रबंधन के विवाद के चक्कर में महाविद्यालय का एकल संचालन किया जा रहा है। डीआईओएस और एकाउंट आफिसर के संयुक्त हस्ताक्षर से शिक्षकों का वेतन निकलता है।


डीआईओएस का पत्र आया था। इस पर पुलिस को भेजा गया। महाविद्यालय में निर्माण कार्य होता पाया गया। जांच में पता चला कि उसे बेचने की भी तैयारी है। निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है। पूर्व प्रबंध समिति और अध्यापकों को दस्तावेज लेकर कार्यालय बुलाया गया है।
- मनीषा सिंह, सीओ कोतवाली
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