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चार उर्वरकों के नमूने हुए फेल, विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
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मैनपुरी। विगत दिनों लिए गए नमूनों में से उर्वरक के चार नमूने जांच में फेल हो गए। रिपोर्ट आने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। सभी विक्रेताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में पक्ष रखने को कहा गया है।
जून माह में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक के नमूने लिए गए थे। जांच में मै. न्यू कृषक खाद भंडार मंडी गेट मैनपुरी से लिया गया म्यूरेट ऑफ पोटाश, मै. शिव खाद भंडार औंछा से लिया गया सल्फर, मै. गुप्ता खाद भंडार घिरोर से लिया गया जिंक सल्फेट, और मै. शेखर खाद भंडार घिरोर से लिया गया डीएपी का नमूना फेल हो गया। रिपोर्ट आने के बाद जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने चारों विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। उन्हें जांच में फेल उर्वरक की बिक्री न करने के आदेश दिए हैं।
कम निकली उर्वरकों में तत्वों की उपलब्धता
जांच में फेल हुए नमूनों में तत्वों की उपलब्धता मानक से कम मिली है। म्यूरेट ऑफ पोटाश के नमूने में पोटाश की मात्रा 60 प्रतिशत के सापेक्ष 54.10 प्रतिशत मिली। वहीं सल्फर में 90 प्रतिशत के सापेक्ष 75.74 प्रतिशत, जिंक सल्फेट उर्वरक में जिंक की मात्रा 33 प्रतिशत के सापेक्ष 27.31 प्रतिशत और सल्फर की मात्रा 15 प्रतिशत के सापेक्ष 13.20 प्रतिशत मिली। वहीं डीएपी के नमूने में नाइट्रोजन की मात्रा 18 प्रतिशत के सापेक्ष 15.54 प्रतिशत और फास्फोरस ऑक्साइड की मात्रा 46 प्रतिशत के सापेक्ष 40.70 प्रतिशत पाई गई।
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यह होगा नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास रंजन चौधरी बताते हैं कि उर्वरक में मानक से कम तत्वों की उपलब्धता धोखा है। इसके साथ ही इन उर्वरकों का फसलों में प्रयोग किए जाने पर ये अपना पूरा असर नहीं दिखाते हैं। इससे फसल का उत्पादन प्रभावित होता है और किसानों को नुकसान होता है।
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जून माह में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक के नमूने लिए गए थे। जांच में मै. न्यू कृषक खाद भंडार मंडी गेट मैनपुरी से लिया गया म्यूरेट ऑफ पोटाश, मै. शिव खाद भंडार औंछा से लिया गया सल्फर, मै. गुप्ता खाद भंडार घिरोर से लिया गया जिंक सल्फेट, और मै. शेखर खाद भंडार घिरोर से लिया गया डीएपी का नमूना फेल हो गया। रिपोर्ट आने के बाद जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने चारों विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। उन्हें जांच में फेल उर्वरक की बिक्री न करने के आदेश दिए हैं।
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कम निकली उर्वरकों में तत्वों की उपलब्धता
जांच में फेल हुए नमूनों में तत्वों की उपलब्धता मानक से कम मिली है। म्यूरेट ऑफ पोटाश के नमूने में पोटाश की मात्रा 60 प्रतिशत के सापेक्ष 54.10 प्रतिशत मिली। वहीं सल्फर में 90 प्रतिशत के सापेक्ष 75.74 प्रतिशत, जिंक सल्फेट उर्वरक में जिंक की मात्रा 33 प्रतिशत के सापेक्ष 27.31 प्रतिशत और सल्फर की मात्रा 15 प्रतिशत के सापेक्ष 13.20 प्रतिशत मिली। वहीं डीएपी के नमूने में नाइट्रोजन की मात्रा 18 प्रतिशत के सापेक्ष 15.54 प्रतिशत और फास्फोरस ऑक्साइड की मात्रा 46 प्रतिशत के सापेक्ष 40.70 प्रतिशत पाई गई।
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यह होगा नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास रंजन चौधरी बताते हैं कि उर्वरक में मानक से कम तत्वों की उपलब्धता धोखा है। इसके साथ ही इन उर्वरकों का फसलों में प्रयोग किए जाने पर ये अपना पूरा असर नहीं दिखाते हैं। इससे फसल का उत्पादन प्रभावित होता है और किसानों को नुकसान होता है।