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मैनपुरीः मुलायम की भतीजी के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव को सपा ने लिया वापस

Sat, 15 Jul 2017 03:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला मैनपुरी
टीम डिजिटल/अमर उजाला मैनपुरी Updated Sat, 15 Jul 2017 03:43 PM IST
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samajwadi party leader backed from no confidence against
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप सिंह यादव (बाएं) - फोटो : अमर उजाला
समाजवादी पार्टी में मची खींचतान का एक और एपिसोड शनिवार को मैनपुरी में देखा गया। यहां सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष के ‌‌‌खिलाफ पार्टी के ही विधायक के नेतृत्व में पेश किए अविश्वास प्रस्ताव को वापस ले लिया। खुद पार्टी के जिलाध्यक्ष ने इसकी जानकारी दी। शनिवार को ही डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों को उपस्थित होने को कहा था।   
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बता दें कि समाजवादी पार्टी में विधानसभा चुनाव से ही शुरू हुई रार अब निकायों की राजनीति तक भी पहुंच गई है। सपा का गढ़ माना जाने वाला मैनपुरी जिला भी इससे अछूता नहीं रह सका। यहां सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी और सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव के खिलाफ पार्टी के सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। 
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करीब एक हफ्ते पहले अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों का नेतृत्व खुद मैनपुरी सदर से सपा विधायक राजकुमार यादव उर्फ राजू ने किया। राजू की पत्नी वंदना यादव भी जिला पंचायत सदस्य हैं। डीएम को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव में 23 सदस्यों के शपथ पत्र शामिल किए गए थे। उसके बाद डीएम मैनपुरी यशवंत राव ने मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी सदस्यों को शनिवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा। 
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शनिवार को सुबह तक 23 में से 11 सदस्यों ने डीएम को जिला पंचायत अध्यक्ष के समर्थन में शपथ पत्र दे दिए। इसके बाद आनन फानन में सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेतृत्व के निर्देश परअविश्वास प्रस्ताव को वापस लेने की घोषणा की। 


वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप सिंह यादव का कहना है कि विरोधियों ने जिन 23 जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा किया था उनमें से 11 के शपथ पत्र फर्जी तरीके से लगाए गए थे। जब उनको जानकारी हुई तो उन सभी ने डीएम के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद विरोधी पक्ष को अपनी हार दिखने लगी थी। 
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