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प्रतिमा के साथ प्रशासन की तंगदिली भी अनावृत
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 08 Oct 2015 01:43 AM IST
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शहीद चेतन राणा के शौर्य को अपने ही शहर में स्थायी सम्मान पाने में 12 साल लग गए। श्री साईंनाथ सेवा समिति ने देवरी रोड के दुर्गा पैलेस सैनिक विहार में उनकी प्रतिमा की स्थापना कराई। बुधवार को इसका अनावरण स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर विकास सैनी ने किया। जब सेना की टुकड़ी ने प्रतिमा को गार्ड आफ आनर दिया तो शहीद के माता-पिता की आंखों में गर्व और खुशी के आंसू छलक आए। प्रतिमा के साथ प्रशासन की उपेक्षापूर्ण रवैया भी अनावृत हुआ।
अनावरण समारोह में सभी वक्ताओं ने अफसोस जताया कि समिति व शहीद के परिवार के आग्रहों के बाद भी प्रशासन ने शहीद की प्रतिमा स्थापित नहीं कराई। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने कहा कि प्रतिमा स्थापना खुद शहर के लिए सम्मान की बात है। सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने कहा कि यह घड़ी शहीद के परिवार व क्षेत्रीय लोगों के सपने पूरे होने जैसा है। श्री सांई नाथ सेवा समिति के सचिव संजय सत्यदेव ने कहा कि प्रशासन को शहादत का सम्मान करना चाहिए था। उसके रवैये से निराश होकर समिति ने स्थानीय लोगों व पूर्व सैनिकों के सहयोग से यह काम पूरा किया।
इससे पहले बिग्रेडियर विकास सैनी का स्वागत समिति के अध्यक्ष केके गुप्ता ने किया। समारोह में कर्नल अभय कुमार, छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष डा. पंकज महेंद्रू, डा. जीएस धर्मेश, समिति के सभी पदाधिकारी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, समाजसेवी व राजनीतिक दलों के लोग मौजूद रहे।
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कहा, और करके भी दिखा दिया
जिस चेतन राणा के सर्वोच्च बलिदान को वर्ष 2005 में राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया, प्रशासन उनकी याद में एक प्रतिमा न बनवा सका। अंतत: श्री साईंनाथ सेवा समिति ने गत वर्ष चेतन के शहादत दिवस पर इसकी घोषणा की। उसी के मुताबिक इस वर्ष शहादत दिवस से पहले प्रतिमा स्थापित करा दी। बता दें, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 6 अक्तूबर 2003 को आतंकवादियों से लोहा लेते हुए चेतन शहीद हुए थे। उनका पार्थिव शरीर 8 अक्तूबर को आगरा लाया गया था, इसलिए शहादत दिवस इसी दिन मनाया जाता है।
एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा
समिति के सचिव संजय सत्यदेव ने बताया कि सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने प्रतिमा अनावरण समारोह का आमंत्रण मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त आदि को भेजा था। बार-बार संपर्क के बाद भी कोई अधिकारी समारोह में नहीं पहुंचा।
मेरे लिए गर्व की बात है। प्रतिमा स्थापना से मेरे बेटे की यादें हमेशा सभी के सामने होगी। प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। वह समिति धन्य है जिसने यह काम कर दिखाया।
- सूबेदार (रि) आरबी राणा, पिता
मेरे दिल को सुकून मिला। मैं बहुत खुश हूं लेकिन दुखी भी हूं कि एक शहीद की प्रतिमा के लिए प्रशासन बजट का रोना रोता रहा। श्री सांई नाथ सेवा समिति को इस पुण्य काम के लिए बधाई देती हूं।
- दीनू राणा, मां
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अनावरण समारोह में सभी वक्ताओं ने अफसोस जताया कि समिति व शहीद के परिवार के आग्रहों के बाद भी प्रशासन ने शहीद की प्रतिमा स्थापित नहीं कराई। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने कहा कि प्रतिमा स्थापना खुद शहर के लिए सम्मान की बात है। सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने कहा कि यह घड़ी शहीद के परिवार व क्षेत्रीय लोगों के सपने पूरे होने जैसा है। श्री सांई नाथ सेवा समिति के सचिव संजय सत्यदेव ने कहा कि प्रशासन को शहादत का सम्मान करना चाहिए था। उसके रवैये से निराश होकर समिति ने स्थानीय लोगों व पूर्व सैनिकों के सहयोग से यह काम पूरा किया।
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इससे पहले बिग्रेडियर विकास सैनी का स्वागत समिति के अध्यक्ष केके गुप्ता ने किया। समारोह में कर्नल अभय कुमार, छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष डा. पंकज महेंद्रू, डा. जीएस धर्मेश, समिति के सभी पदाधिकारी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, समाजसेवी व राजनीतिक दलों के लोग मौजूद रहे।
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कहा, और करके भी दिखा दिया
जिस चेतन राणा के सर्वोच्च बलिदान को वर्ष 2005 में राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया, प्रशासन उनकी याद में एक प्रतिमा न बनवा सका। अंतत: श्री साईंनाथ सेवा समिति ने गत वर्ष चेतन के शहादत दिवस पर इसकी घोषणा की। उसी के मुताबिक इस वर्ष शहादत दिवस से पहले प्रतिमा स्थापित करा दी। बता दें, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 6 अक्तूबर 2003 को आतंकवादियों से लोहा लेते हुए चेतन शहीद हुए थे। उनका पार्थिव शरीर 8 अक्तूबर को आगरा लाया गया था, इसलिए शहादत दिवस इसी दिन मनाया जाता है।
एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा
समिति के सचिव संजय सत्यदेव ने बताया कि सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने प्रतिमा अनावरण समारोह का आमंत्रण मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त आदि को भेजा था। बार-बार संपर्क के बाद भी कोई अधिकारी समारोह में नहीं पहुंचा।
मेरे लिए गर्व की बात है। प्रतिमा स्थापना से मेरे बेटे की यादें हमेशा सभी के सामने होगी। प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। वह समिति धन्य है जिसने यह काम कर दिखाया।
- सूबेदार (रि) आरबी राणा, पिता
मेरे दिल को सुकून मिला। मैं बहुत खुश हूं लेकिन दुखी भी हूं कि एक शहीद की प्रतिमा के लिए प्रशासन बजट का रोना रोता रहा। श्री सांई नाथ सेवा समिति को इस पुण्य काम के लिए बधाई देती हूं।
- दीनू राणा, मां