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आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपटकर
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06एमएनपी-14-बेवर के शहीद मेले में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते कवि
- फोटो : MAINPURI
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बेवर। नगर में आयोजित शहीद मेले के मंच पर बुधवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर से आए कवियों ने काव्य पाठ किया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मेला कमेटी के सदस्यों व चेयरमैन प्रतिनिधि सरितकांत भाटिया ने संयुक्त रूप से किया। मां भारती की वंदना के साथ शुरू हुआ कवि सम्मेलन शहीदों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की ओर बढ़ता गया। मेरठ कवयित्री शुभम त्यागी ने, शहीदों की चलो मिलकर कोई बात हो जाए, भले आठ दिन निकल जाएं भले ही शाम हो जाए कविता सुनाई।
वहीं आगरा के कवि एलेश अवस्थी ने रोई है हूक भरके मां बेटे से चिपटकर, आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपटकर... सुनाया। डॉ. अरुण उपाध्याय ने मैं बेवर की माटी का अभिनंदन करने आया हूं अपना रक्त मिलाकर सुरभित चंदन करने आया हूं...।
फिरोजाबाद के कवि यशपाल यश ने गीत लिखना गजल कहना सवैया छंद लिख देना, सियासत की हथेली पर नए अनुबंध लिख देना का पाठ किया। वहीं दिल्ली से आए कवि नीर गोरखपुरी, कवि अजय अंजाम ने भी काव्यपाठ किया। इस दौरान मनोज दुबे, राज त्रिपाठी, प्रदीप प्रताप, आलोक अग्रिहोत्री, सोनू प्रधान, श्याम त्रिपाठी, राजीव गुप्ता, डॉ. शिवराज, राजू मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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कवि सम्मेलन का शुभारंभ मेला कमेटी के सदस्यों व चेयरमैन प्रतिनिधि सरितकांत भाटिया ने संयुक्त रूप से किया। मां भारती की वंदना के साथ शुरू हुआ कवि सम्मेलन शहीदों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की ओर बढ़ता गया। मेरठ कवयित्री शुभम त्यागी ने, शहीदों की चलो मिलकर कोई बात हो जाए, भले आठ दिन निकल जाएं भले ही शाम हो जाए कविता सुनाई।
वहीं आगरा के कवि एलेश अवस्थी ने रोई है हूक भरके मां बेटे से चिपटकर, आया है मेरा लाल तिरंगे में लिपटकर... सुनाया। डॉ. अरुण उपाध्याय ने मैं बेवर की माटी का अभिनंदन करने आया हूं अपना रक्त मिलाकर सुरभित चंदन करने आया हूं...।
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फिरोजाबाद के कवि यशपाल यश ने गीत लिखना गजल कहना सवैया छंद लिख देना, सियासत की हथेली पर नए अनुबंध लिख देना का पाठ किया। वहीं दिल्ली से आए कवि नीर गोरखपुरी, कवि अजय अंजाम ने भी काव्यपाठ किया। इस दौरान मनोज दुबे, राज त्रिपाठी, प्रदीप प्रताप, आलोक अग्रिहोत्री, सोनू प्रधान, श्याम त्रिपाठी, राजीव गुप्ता, डॉ. शिवराज, राजू मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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