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ताज देखे बिना ही लौटे विदेशी सैलानी
ताज देखे बिना ही लौटे विदेशी सैलानी
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:59 AM IST
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ताज देखे बिना ही लौटे विदेशी सैलानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बुधवार सुबह सनराइज के समय ताजमहल के दीदार के लिए पहुंचे सैलानियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। पर्यटकों के पास 500-1000 रुपये के नोट ही थे। ताज की टिकट विंडो पर स्वीकार नहीं किए गए। ऐसे हजारों सैलानियों को टिकट नहीं मिल पाया।
देशी-विदेशी सैलानियों के हाथों में बुधवार सुबह 500-1000 रुपये के नोट थे लेकिन सब कागज के टुकड़े साबित हुए। ताज का दीदार करने आए सैलानियों को जब पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों से टिकट न मिला तो उन्होंने हंगामा भी किया। एएसआई बुकिंग विंडो के कर्मचारियों से उनकी तकरार होती रही। सात समंदर पार से आए विदेशी पर्यटक 500-1000 रुपये के नोट न चलने की बात सुनकर हक्के-बक्के रह गए। सुबह छोटे नोट न मिलने से वह होटल पहुंचे लेकिन वहां भी 100 रुपये की करेंसी उपलब्ध नहीं हो पाई।
60 हजार रुपये चंद मिनटों में किए एक्सचेंज
ताजमहल और आगरा किला पर विदेशी सैलानियों को परेशान देखकर लपकों ने इसका फायदा उठाया। ताज पूर्वी गेट पार्किंग पर एक लपका 60 हजार रुपये के सौ रुपये के नोट लेकर आ गया और जो सैलानी टिकट न मिलने से परेशान थे, उन्हें 1500 रुपये के बदले एक हजार रुपये के छोटे नोट दिए। चंद मिनटों में ही वह नोट एक्सचेंज कर चला गया। सुबह 10 बजे के बाद आगरा किला, सीकरी, ताज के पश्चिमी गेट पर लपकों ने सौ रुपये की गड्डियां लाकर विदेशी सैलानियों को इसी रेट पर टिकट दिए। कुछ गाइडों ने सैलानियों के सामने शर्त रखी कि वह उनके टिकट ले लेंगे लेकिन गाइड उन्हीं को लेना होगा।
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एएसआई मुख्यालय से 11 नवंबर तक स्मारकों पर 500-1000 रुपये के नोट स्वीकार करने का आदेश आ गया है। गुरुवार सुबह से यह लागू कर दिया जाएगा। पर्यटकों को अब दिक्कत नहीं होगी।
डा. भुवन विक्रम, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई
सीकरी में जर्मन सैलानियों को बाहर निकाला
फतेहपुर सीकरी। बुधवार सुबह जर्मन पर्यटकों का दल स्मारक पहुंचा तो उन्हें 500-1000 रुपये के नोट से टिकट नहीं मिले। इस पर वह जबरन स्मारक में घुस गए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला तो हंगामा हो गया। इसके बाद फ्रेंच पर्यटकों ने आपत्ति उठाते हुए एएसआई शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कराई। यहां टिकट विंडो पर दिन भर सैलानियों के साथ कर्मचारियों की तकरार होती रही।
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देशी-विदेशी सैलानियों के हाथों में बुधवार सुबह 500-1000 रुपये के नोट थे लेकिन सब कागज के टुकड़े साबित हुए। ताज का दीदार करने आए सैलानियों को जब पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों से टिकट न मिला तो उन्होंने हंगामा भी किया। एएसआई बुकिंग विंडो के कर्मचारियों से उनकी तकरार होती रही। सात समंदर पार से आए विदेशी पर्यटक 500-1000 रुपये के नोट न चलने की बात सुनकर हक्के-बक्के रह गए। सुबह छोटे नोट न मिलने से वह होटल पहुंचे लेकिन वहां भी 100 रुपये की करेंसी उपलब्ध नहीं हो पाई।
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60 हजार रुपये चंद मिनटों में किए एक्सचेंज
ताजमहल और आगरा किला पर विदेशी सैलानियों को परेशान देखकर लपकों ने इसका फायदा उठाया। ताज पूर्वी गेट पार्किंग पर एक लपका 60 हजार रुपये के सौ रुपये के नोट लेकर आ गया और जो सैलानी टिकट न मिलने से परेशान थे, उन्हें 1500 रुपये के बदले एक हजार रुपये के छोटे नोट दिए। चंद मिनटों में ही वह नोट एक्सचेंज कर चला गया। सुबह 10 बजे के बाद आगरा किला, सीकरी, ताज के पश्चिमी गेट पर लपकों ने सौ रुपये की गड्डियां लाकर विदेशी सैलानियों को इसी रेट पर टिकट दिए। कुछ गाइडों ने सैलानियों के सामने शर्त रखी कि वह उनके टिकट ले लेंगे लेकिन गाइड उन्हीं को लेना होगा।
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एएसआई मुख्यालय से 11 नवंबर तक स्मारकों पर 500-1000 रुपये के नोट स्वीकार करने का आदेश आ गया है। गुरुवार सुबह से यह लागू कर दिया जाएगा। पर्यटकों को अब दिक्कत नहीं होगी।
डा. भुवन विक्रम, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई
सीकरी में जर्मन सैलानियों को बाहर निकाला
फतेहपुर सीकरी। बुधवार सुबह जर्मन पर्यटकों का दल स्मारक पहुंचा तो उन्हें 500-1000 रुपये के नोट से टिकट नहीं मिले। इस पर वह जबरन स्मारक में घुस गए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला तो हंगामा हो गया। इसके बाद फ्रेंच पर्यटकों ने आपत्ति उठाते हुए एएसआई शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कराई। यहां टिकट विंडो पर दिन भर सैलानियों के साथ कर्मचारियों की तकरार होती रही।