फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Rumor of child theft spreading through three fake videos in agra

तीन फर्जी वीडियो से फैल रहीं 'डरावनी' अफवाहें, भूलकर भी न करें शेयर, यह है हकीकत

Fri, 09 Aug 2019 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 09 Aug 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
Rumor of child theft spreading through three fake videos in agra
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले में बच्चा चोरी की अफवाहें तीन फर्जी वीडियो से फैल रही हैं। तीनों को सोशल मीडिया पर एक साथ शेयर किया जा रहा है। ताजनगरी में ही हजारों लोगों के पास ये वीडियो पहुंचे हैं। इनमें सबसे डरावना वीडियो बच्चों के शवों का है। 
विज्ञापन


इस वीडियो में बच्चों के अंग कटे हुए नजर आ रहे हैं। साइबर सेल की पड़ताल में यह वीडियो फर्जी पाया गया है। पुलिस का कहना है कि यह बहुत पुराना वीडियो है। इससे सुनने से ही साफ हो जाता है कि यह देश के बाहर का है।
विज्ञापन


एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आगरा ही नहीं, आसपास के जिलों से भी जानकारी करा ली गई है। ऐसा कोई गिरोह सक्रिय नहीं मिला है जो बच्चों की चोरी कर रहा हो। यह भी मालूम कराया जा रहा है कि ये वीडियो कहां से शुरू हुए। उन्होंने कहा कि इन्हें भूल से भी शेयर न करें। अगर किसी के पास वीडियो आए तो उसे साइबर सेल को भेज दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी वीडियो और इनकी हकीकत

अमर उजाला टीम ने सिकंदरा, जगदीशपुरा, शाहगंज में लोगों से जानकारी की तो उनका यही कहना था कि अफवाहों की वजह वीडियो हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महिलाएं इनकी चर्चा करती हैं, इसी से अफवाहें फैल रही हैं।

- बच्चों के शव का वीडियो (यह बहुत पुराना वीडियो है, जिसमें छेड़छाड़ की गई है, वैसे ही यह हादसे के बाद का वीडियो है, इसमें सुनाई दे रही भाषा भी देश से बाहर की लग रही है ) 
- बच्चा चोर की पिटाई का वीडियो  (पुलिस का कहना है कि यह बच्चा चोर बताकर पीटे गए युवक का वीडियो है, कई जगह बेकुसूरों को इसी तरह पीटा गया है)
- घर में घुसते युवकों का वीडियो (पुलिस का कहना है कि चोरी की कई वारदात में सीसीटीवी फुटेज से ऐसे वीडियो आ चुके हैं )
 

भिखारी ज्यादा बन रहे भीड़ तंत्र का शिकार

अफवाहों के कारण हुई 20 घटनाओं में से 12 यानी 60 फीसदी भिखारियों के साथ हुई हैं। चार घटनाएं (दस फीसदी)  मानसिक रूप से बीमार लोगों के साथ हुई हैं, ये लोग बता नहीं पाते हैं कि क्यों घूम रहे हैं? पुलिस के रिकार्ड में बच्चा चोरी की कोई घटना हाल फिलहाल में नहीं हुई है।

वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक डॉ केसी गुरनानी का कहना है कि सुनियोजित ढंग से अफवाह फैलाई जा रही है। इससे पढ़े-लिखे लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। यह मास हिस्टीरिया का मामला है।इसमें लोगों के मन मस्तिष्क में अफवाह सत्य प्रतीत होने का आभास होता है। वो बिना देखे और पड़ताल किए ही उसे सत्य मानकर व्यवहार करने लगते हैं। इससे पहले चोटी काटने की अफवाह में भी यही हुआ था। यह अस्थायी रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed