आगरा में बिना परमिट बस की सीज: 12 घंटे तक भटकते रहे छतरपुर के श्रमिक, भूख-प्यास से बिलखे बच्चे
छतरपुर से 130 सवारियों को लेकर दिल्ली जा रही प्राइवेट स्लीपर बस को आगरा के आरटीओ के प्रवर्तन दल ने कुबेरपुर इंटरचेंज से पकड़कर सीज कर दिया।, लेकिन बस में सवार यात्रियों के जाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए। जिससे गरीब श्रमिक 12 घंटे तक बच्चों को साथ लेकर भूखे-प्यासे भटकते रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में प्रवर्तन दल ने बिना परमिट बस पकड़ी। 130 सवारियों को उतारकर आरटीओ के सामने लाकर छोड़ दिया और बस सीज कर दी। लेकिन यात्रियों के लिए वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए। बृहस्पतिवार तड़के चार बजे से शाम चार बजे तक किराया वापस मिलने के इंतजार में श्रमिक महिला-पुरुष और उनके बच्चे भूखे-प्यासे बैठे रहे। महिलाओं ने अधिकारियों से गुहार लगाई, प्रदर्शन किया। आरटीओ अफसरों ने दूसरी बस का इंतजाम करने में और किराया वापस दिलवाने में असमर्थता जता दी।
छतरपुर के रहने वाले सुनील कुमार, राकेश, विनोद ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। प्राइवेट बस में छतरपुर से दिल्ली तक के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये किराया दिया था। वह परिवार के साथ काम करने जा रहे थे। आरटीओ की टीम ने कुबेरपुर पर बृहस्पतिवार को चार बजे पकड़ा। लेकिन अभी तक न तो बस का इंतजाम किया और न ही किराया ही बस वालों से दिलवाया है।
भूख-प्यार से बेहाल हुए बच्चे
दो बच्चों के साथ आई शांति ने बताया कि बच्चे भूखे-प्यासे हैं। पैसा किराये में दे दिया, अब बच्चों को क्या खिलाएं। दोपहर के दो बजे गए हैं मगर अभी तक कुछ नहीं खाया है। बच्चे बेहाल हो रहे हैं। शाम चार बजे तक न किसी बस का इंतजाम किया गया न यात्रियों को किराया वापस दिलाया गया। परेशान श्रमिक अपने परिवारों के साथ आईएसबीटी चले गए। यहां से रोडवेज बसों, डग्गेमार की बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।