आगरा को बड़ा झटका: नहीं मिली सिविल एन्क्लेव को पर्यावरणीय मंजूरी, RTI से मिली चौंकाने वाली जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर 2019 को दिए अपने आदेश में खेरिया एयरपोर्ट में अतिरिक्त टर्मिनल बनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अनुमति दे दी थी। ऐसी स्थिति में सिविल टर्मिनल बनाने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलना आश्चर्यजनक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजनगरी में नए सिविल एन्क्लेव की योजना को पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण डी लिस्ट किया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी कोर्ट केस के कारण नहीं मिल सकी है। यह जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सूचना के अधिकार के तहत दी है। इससे आगरा के उद्योग और पर्यटन जगत को बड़ा झटका लगा है।
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि उन्होंने 22 अप्रैल को आगरा के नए सिविल एन्क्लेव की निर्माण परियोजना की वर्तमान स्थिति, योजना के लिए कुल बजट की धनराशि, योजना के प्रारंभ व समाप्ति की समयावधि एवं परियोजना के शुरू करने में हो रही देरी के बारे में जानकारी मांगी थी।
इसके जवाब में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अवगत कराया कि 398 करोड़ रुपये की निर्माण लागत पर पीक ऑवर्स में 700 यात्रियों के लिए 30,000 वर्ग मीटर क्षेत्र का एक टर्मिनल भवन की प्लानिंग की गई थी। योजना को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है, क्योंकि कोर्ट केस के कारण पर्यावरण मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है।
यह भी बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय में संशोधन आवेदन पत्र दायर किया गया है। जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है और चहारदीवारी का निर्माण कर दिया गया है। पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद काम के लिए दोबारा योजना बनाई जाएगी।
अनुमति नहीं मिलना आश्चर्यजनक
सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर 2019 को दिए अपने आदेश में खेरिया एयरपोर्ट में अतिरिक्त टर्मिनल बनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अनुमति दे दी थी। ऐसी स्थिति में सिविल टर्मिनल बनाने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलना आश्चर्यजनक है। सूचना अधिकार में यह खुलासा कि सिविल एन्क्लेव की योजना को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है। आगरा के उद्योगों एवं पर्यटन के लिए अत्यंत निराशाजनक है। - केसी जैन, सचिव, आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन
इसे आगरा सहन नहीं करेगा
आगरा ने भाजपा को लगातार शत प्रतिशत दिया है, जेवर एयरपोर्ट का स्वागत है, लेकिन आगरा पर्यटन नगरी है। ताजमहल के अतिरिक्त साहित्य, आध्यात्म की नगरी है। सिविल एन्क्लेव न होना आगरा सहन नहीं कर पाएगा। इसे बनाना ही होगा। - पूरन डावर, अध्यक्ष, आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन
बड़ी मुश्किल से खुली थी टर्मिनल का राह
आगरा के पर्यटन के लिए सिविल टर्मिनल का होना बहुत जरूरी है। आगरा की संस्थाएं लगातार इसके लिए प्रयासरत रही थीं, तब कहीं जाकर सिविल टर्मिनल की राह खुली थी। अब यह रोड़ा पर्यटन को भी प्रभावित करेगा। - राजीव तिवारी, पर्यटन उद्यमी, पूर्व अध्यक्ष, नेशनल चैंबर
सुप्रीम कोर्ट में देंगे याचिका
पर्यावरण मंत्रालय ने इस वजह से मना कर दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता तब तक सिविल टर्मिनल का काम लंबित रहेगा। इसकी जन सुनवाई डी लिस्ट की गई है। हम लोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले हैं, जिसके लिए मुख्यालय से अनुमति ली जा रही है। - एए अंसारी, निदेशक, एयरपोर्ट अथॉरिटी