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Agra News: रिटायर्ड अधिकारी का डेबिट कार्ड बदल खाते से 16.56 लाख निकाले
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आगरा। सदर के राजपुर चु्ंगी क्षेत्र में एटीएम से रुपये निकालने गए रिटायर्ड शासकीय अधिकारी से मदद के बहाने दो युवकों ने उनका डेबिट कार्ड बदल दिया। जब उन्होंने यूपीआई खाते से किसी को रुपये भेजने का प्रयास किया तो उनके खाते में बैलेंस नहीं होने की जानकारी मिली। खाते से शातिरों ने 16.56 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
शमशाबाद रोड के हरीनगर स्थित आइकॉन एंक्लेव के निवासी आसिफ खान(61) रिटायर्ड शासकीय अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि 13 अक्तूबर को वह शाम छह बजे राजपुर चुंगी स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। एटीएम में दो युवक पहले से बैठे थे। पहली बार मेेंं बीस हजार निकालने का प्रयास करने पर रुपये नहीं निकले। दोबारा 2 हजार निकालनेे का प्रयास किया तो भी निकासी नहीं हुई। दोनों युवकों ने अंकल संबोधित करते हुए मदद के बहाने डेबिट कार्ड बदल दिया। कुछ देर बाद जब उन्होंने यूपीआई खाते से किसी को रकम भेजने का प्रयास किया तो खाते में बैलेंस नहीं होने की जानकारी मिली। बैंक जाकर चेक किया तो खाते में सिर्फ 122 रुपये ही शेष होने की जानकारी मिली। शातिरों ने पासवर्ड देखकर नेट बैंकिंग के माध्यम से 16.56 लाख रुपये निकाल लिए। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम ने बताया कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है।
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शमशाबाद रोड के हरीनगर स्थित आइकॉन एंक्लेव के निवासी आसिफ खान(61) रिटायर्ड शासकीय अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि 13 अक्तूबर को वह शाम छह बजे राजपुर चुंगी स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। एटीएम में दो युवक पहले से बैठे थे। पहली बार मेेंं बीस हजार निकालने का प्रयास करने पर रुपये नहीं निकले। दोबारा 2 हजार निकालनेे का प्रयास किया तो भी निकासी नहीं हुई। दोनों युवकों ने अंकल संबोधित करते हुए मदद के बहाने डेबिट कार्ड बदल दिया। कुछ देर बाद जब उन्होंने यूपीआई खाते से किसी को रकम भेजने का प्रयास किया तो खाते में बैलेंस नहीं होने की जानकारी मिली। बैंक जाकर चेक किया तो खाते में सिर्फ 122 रुपये ही शेष होने की जानकारी मिली। शातिरों ने पासवर्ड देखकर नेट बैंकिंग के माध्यम से 16.56 लाख रुपये निकाल लिए। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम ने बताया कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है।
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