Road Accident: स्कार्पियो की टक्कर से बाइक सवार सेवानिवृत्त दरोगा और पत्नी की मौत, 30 जून को हुए थे रिटायर
फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले हाकिम सिंह 30 जून को ही दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह फिरोजाबाद के थाना नसीरपुर में तैनात थे। सेवानिवृत्त होने के बाद सामान लेकर घर जा रहे थे, रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।
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मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र में रविवार की शाम गांव निजामपुर के पास फर्रुखाबाद निवासी बाइक सवार दंपती को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में सेवानिवृत्त दरोगा और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। दरोगा फिरोजाबाद से अपना सामान लेकर घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव प्रेमपुर निवासी 60 वर्षीय हाकिम सिंह पुलिस विभाग में एसआई के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में वह जनपद फिरोजाबाद के नसीरपुर थाना से सेवानिवृत्त हुए थे। रविवार को वह नसीरपुर स्थित अपने घर से सामान को एक पिकअप में लदवाने के बाद 58 वर्षीय पत्नी सुनीता देवी के साथ गांव प्रेमपुर जा रहे थे।
घटनास्थल पर ही हो गई दंपती की मौत
वह भोगांव थाना क्षेत्र में गांव निजामपुर के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही स्कार्पियो कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में हाकिम सिंह और पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों को जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित करने के बाद पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाए। पुलिस टक्कर मारने वाले वाहन व चालक की तलाश कर रही है।
30 जून को हुए थे सेवानिवृत्त
जनपद फर्रुखाबाद के गांव प्रेमपुर निवासी दरोगा हाकिम सिंह 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे। रविवार को पत्नी के साथ नसीरपुर से घरेलू सामान लेकर घर आ रहे थे। रिश्तेदारों ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद हाकिम बेहद खुश थे। कहते थे कि अब पत्नी व बच्चों के साथ गांव में रह कर आगे की साथ गुजारेंगे।
साथी पुलिसकर्मी रह गए स्तब्ध
साथी दरोगा हाकिम सिंह के बिछड़ने की पीड़ा नसीरपुर थाने के पुलिसकर्मी अभी नहीं भुला पाए थे। इसी बीच उनकी मौत की खबर मिलते ही थाने के पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए। पुलिसकर्मियों को क्या पता था जिस उप निरीक्षक हाकिम सिंह को सम्मान के साथ वह विदा कर रहे हैं, वह अब सिर्फ यादों में ही रह जाएंगे।
सरल स्वभाव और मृदुभाषी होने के कारण उनका क्षेत्र में बहुत ही सम्मान था। चुनाव में उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाने में प्रभारी निरीक्षक का सहयोग किया था। उनकी पत्नी सहित मौत की खबर मिलते ही थाने में तैनात हर पुलिसकर्मियों की आंखों में आंसू थे।