Etah: पूर्व रेल राज्य मंत्री के पुत्र मनोज पर फर्जीवाड़े की रिपोर्ट, बेच दी करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन
एटा में सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र देव उपाध्याय और पूर्व रेल राज्यमंत्री रोहनलाल चतुर्वेदी के पुत्र मनोज चतुर्वेदी पर कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन दोनों पर अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन को बेचने का आरोप है।
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शहर से सटी हुई यह जमीन काफी बेशकीमती है और इस पर तमाम भूमाफियाओं की नजर लंबे समय से थी। साजिश के तहत इसमें फर्जी कागजात बना लिए गए। इसके बाद प्लॉटिंग कर कई लोगों को इसे बेचा गया। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने इस ओर संज्ञान लेकर जांच शुरू कराई। पहले तहसीलदार सदर और बाद में एडीएम वित्त एवं राजस्व सहित तीन अधिकारियों की समिति ने पूरे मामले में गहराई से जांच की। इसमें यह पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया।
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार रोहनलाल चतुर्वेदी की बंजर जमीन उप्र जमींदारी विनाश अधिनियम लागू होने पर सरकार के खाते में चली गई, लेकिन उन्होंने जमीन को सर्वोदय आश्रम ट्रस्ट के नाम कर दिया। इस आधार पर एसडीएम न्यायालय ने 22 मार्च को भूमि पर अंकित सर्वोदय आश्रम का नाम निरस्त कर पूर्व की भांति बंजर के नाम दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया। विकासखंड शीतलपुर क्षेत्र के अंतर्गत मौजा एटा देहात क्षेत्र में लगभग 20 हेक्टेयर इस जमीन की बाजारू कीमत 25.68 करोड़ रुपये आंकी गई।
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विधिविरुद्ध कर दिए बैनामे
डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि गाटा संख्या 1035 में रोहनलाल चतुर्वेदी के वारिस के तौर पर मनोज चतुर्वेदी ने शहर के मोहल्ला तिवारियान चतुर्वेदी कंपाउंड पटियाली गेट स्थित जमीन के बैनामे किए। यह सार्वजनिक उपयोग की जमीन थी, जिसका बैनामा विधि विरुद्ध था।
अवैध कब्जा कर की गई खेती
रिपोर्ट में कहा गया है कि मनोज चतुर्वेदी तथा उनके दिवंगत पिता गांव सभा और बंजर जमीनों पर अवैध कब्जा कर कृषि कार्य कर रहे थे। अपने अधिकृत मंत्री नरेंद्र देव उपाध्याय निवासी सुनहरी नगर ने इस सरकारी जमीन का बैनामा करवाया। इस अपराध में मनोज चतुर्वेदी व नरेंद्र देव उपाध्याय पूरी तरह दोषी हैं।