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नई कबाड़ नीति: वाहनों का नवीनीकरण होगा 10 गुना तक महंगा, टीटीजेड क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
Sat, 09 Oct 2021 12:49 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:49 PM IST
सार
एक अप्रैल 2022 से लागू होने वाली इस नीति में वाहनों के नवीनीकरण की फीस में तीन से 10 गुना तक बढ़ोतरी की गई है। इसका असर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में पड़ने वाले जिलों के निवासियों पर ज्यादा पड़ेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नई कबाड़ नीति के लागू होने के बाद 15 साल या इससे अधिक पुरानी गाड़ियों के पंजीकरण का नवीनीकरण कराना महंगा पड़ेगा। दोपहिया वाहन के नवीनीकरण के लिए 300 रुपये के स्थान पर हजार रुपये, चार पहिया कार आदि हल्के वाहनों के नवीनीकरण के लिए 600 रुपये की जगह पांच हजार रुपये जमा करने होंगे।
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एक अप्रैल 2022 से लागू होने वाली इस नीति में वाहनों के नवीनीकरण की फीस में तीन से 10 गुना तक बढ़ोतरी की गई है। इसका असर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में पड़ने वाले जिलों के निवासियों पर ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि आगरा में हर साल 10 हजार से ज्यादा निजी गाड़ियां 15 साल की आयु पूरी कर रही हैं।
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ऐसे में लोगों को पंजीयन के नवीनीकरण के लिए तीन से 10 गुना तक ज्यादा नवीनीकरण शुल्क अदा करना होगा। इसके अलावा उपयुक्तता अवधि समाप्त होने के बाद 50 रुपये प्रतिदिन की अतिरिक्त फीस भी देनी होगी।
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तीन हजार से अधिक एनओसी जारी
आगरा, मथुरा, भरतपुर का कुछ हिस्सा टीटीजेड के तहत आता है। इसमें डीजल के अलावा 15 साल या इससे अधिक पुरानी गाड़ियों का संचालन प्रतिबंधित है। अभी तक आरटीओ आगरा एक लाख से ज्यादा गाड़ियों को कबाड़ घोषित कर चुका है।
सितंबर में आरटीओ ने वर्ष 2006 तक पंजीकृत 75 हजार निजी गाड़ियों के पंजीयन निलंबित कर दिए थे। इन्हें दूसरे जिलों में गाड़ियों के ट्रांसफर कराने के लिए छह माह की मोहलत दी गई है। यही कारण है कि आरटीओ में इन दिनों में पांच से छह लोग अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने पहुंचे हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तीन हजार से अधिक एनओसी जारी की जा चुकी हैं, लेकिन नई नीति में पंजीयन शुल्क बढ़ाए जाने का असर वाहन स्वामियों पर पड़ेगा, क्योंकि जिले में हर साल तकरीबन दस हजार गाड़ियां 15 साल पुरानी की श्रेणी में आ रही हैं। इनके पंजीयन निरस्त होने की कार्रवाई हर साल होगी।
गाड़ी का प्रकार वर्तमान दरें नई दरें
स्कूटर, मोटरसाइकिल 300 रुपये 1000 रुपये
तिपहिया वाहन 600 रुपये 3500 रुपये
हल्के मोटर यान 600 रुपये 5000 रुपये
मध्यम यात्री व माल यान 1000 रुपये 10000 रुपये
भारी वाहन यात्री व माल 1500 रुपये 12500 रुपये
आगरा, मथुरा, भरतपुर का कुछ हिस्सा टीटीजेड के तहत आता है। इसमें डीजल के अलावा 15 साल या इससे अधिक पुरानी गाड़ियों का संचालन प्रतिबंधित है। अभी तक आरटीओ आगरा एक लाख से ज्यादा गाड़ियों को कबाड़ घोषित कर चुका है।
सितंबर में आरटीओ ने वर्ष 2006 तक पंजीकृत 75 हजार निजी गाड़ियों के पंजीयन निलंबित कर दिए थे। इन्हें दूसरे जिलों में गाड़ियों के ट्रांसफर कराने के लिए छह माह की मोहलत दी गई है। यही कारण है कि आरटीओ में इन दिनों में पांच से छह लोग अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने पहुंचे हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तीन हजार से अधिक एनओसी जारी की जा चुकी हैं, लेकिन नई नीति में पंजीयन शुल्क बढ़ाए जाने का असर वाहन स्वामियों पर पड़ेगा, क्योंकि जिले में हर साल तकरीबन दस हजार गाड़ियां 15 साल पुरानी की श्रेणी में आ रही हैं। इनके पंजीयन निरस्त होने की कार्रवाई हर साल होगी।
गाड़ी का प्रकार वर्तमान दरें नई दरें
स्कूटर, मोटरसाइकिल 300 रुपये 1000 रुपये
तिपहिया वाहन 600 रुपये 3500 रुपये
हल्के मोटर यान 600 रुपये 5000 रुपये
मध्यम यात्री व माल यान 1000 रुपये 10000 रुपये
भारी वाहन यात्री व माल 1500 रुपये 12500 रुपये