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अपनी तुलना दूसरे से कभी मत करो: प्रसन्न सागर
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मैनपुरी। कचहरी रोड स्थित सुशील जैन के आवास के पास स्थापित किए गए पंडाल में बृहस्पतिवार को आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने जीवन के लिए उपयोगी बातें बताईं। उन्होंने कहा कि अपनी तुलना कभी दूसरों से न की जाए।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि पाप का उदय कभी भी हो सकता है। आयु बंध कभी भी हो सकता है और आयु का अंत कभी भी हो सकता है। संसार में ऐसे बहुत से लोग हुए जिनके पास बहुत कुछ था लेकिन देखते ही देखते उनके पास कुछ नहीं रहा। करोड़पति से खाकपति बन गए। पुण्य के उदय से आपको जो कुछ मिल रहा है उस पर अहंकार मत करो। उन्होंने बताया कि आयु बंध सात अवसरों पर आ सकता है वो अवसर कब आ जाए पता नहीं। इसलिए अपने परिणामों के प्रति हमेशा सतर्क रहो। जीवन का अंत कभी भी हो सकता है इसलिए मरने से डरो मत मरने को तैयार रहो।
मुनि पीयूष सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार से मोबाइल पर बात करते हो तो सिर झुका लेते हो उसी प्रकार से अपने परिवार के साथ भी विनम्रता से बात करो जिससे कि परिवार को मजबूती प्राप्त हो। दोपहर को सामूहिक गुरु पादन कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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पंकज जैन, सवाईलाल जैन, पदमा जैन, पंड़ित कमल जैन, प्रमोद जैन, गौरव जैन, नितिन जैन, राकेश जैन, पिंकी, अक्षय जैन, शुभम जैन, आदेश जैन, मनीष जैन आदि लोग मौजूद रहे। संचालन डॉ. सौरभ जैन ने किया।
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आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि पाप का उदय कभी भी हो सकता है। आयु बंध कभी भी हो सकता है और आयु का अंत कभी भी हो सकता है। संसार में ऐसे बहुत से लोग हुए जिनके पास बहुत कुछ था लेकिन देखते ही देखते उनके पास कुछ नहीं रहा। करोड़पति से खाकपति बन गए। पुण्य के उदय से आपको जो कुछ मिल रहा है उस पर अहंकार मत करो। उन्होंने बताया कि आयु बंध सात अवसरों पर आ सकता है वो अवसर कब आ जाए पता नहीं। इसलिए अपने परिणामों के प्रति हमेशा सतर्क रहो। जीवन का अंत कभी भी हो सकता है इसलिए मरने से डरो मत मरने को तैयार रहो।
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मुनि पीयूष सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार से मोबाइल पर बात करते हो तो सिर झुका लेते हो उसी प्रकार से अपने परिवार के साथ भी विनम्रता से बात करो जिससे कि परिवार को मजबूती प्राप्त हो। दोपहर को सामूहिक गुरु पादन कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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पंकज जैन, सवाईलाल जैन, पदमा जैन, पंड़ित कमल जैन, प्रमोद जैन, गौरव जैन, नितिन जैन, राकेश जैन, पिंकी, अक्षय जैन, शुभम जैन, आदेश जैन, मनीष जैन आदि लोग मौजूद रहे। संचालन डॉ. सौरभ जैन ने किया।