आगरा में ऑटो चालक की मौत पर आक्रोश: शव लेकर सड़क पर आए परिजन, पुलिस पर पिटाई का आरोप
आगरा के मंडी सईद खां निवासी ऑटो चालक भगवानदास राठौर की मौत के बाद मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी पर हंगामा हो गया। मृतक का पत्नी का आरोप है कि पति को थाना हरीपर्वत पुलिस ने पकड़ा। उनकी पिटाई की। बेल्ट और डंडों से पीटा गया। इससे उनकी मृत्यु हो गई।
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आगरा के संजय प्लेस में एक ऑटो चालक की मौत के बाद मंगलवार शाम को एमजी रोड पर बवाल हो गया। पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए परिजन एस मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी से स्ट्रेचर पर शव लेकर एमजी रोड पर दौड़ पड़े। पुलिस ने पीछा करके रोकने का प्रयास किया तो खींचतान और हाथापाई हुई। पुलिस ने लाठियां फटकाकर लोगों से शव छीनकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आधा घंटे तक मार्ग पर अफरातफरी का माहौल और जाम लगा रहा। पुलिस का कहना है कि युवक की गिरने के बाद मौत हुई है।
हरीपर्वत क्षेत्र स्थित मंडी सईद खां निवासी भगवान दास राठौर (36) किराये पर ऑटो चलाता था। पत्नी अनीता ने बताया कि पति मंगलवार सुबह घर से ऑटो लेकर निकले थे। इसके बाद उनसे बात नहीं हो सकी। दोपहर तकरीबन ढाई बजे परिवार के छोटू का फोन आया। उन्होंने बताया कि भगवान दास को एक ऑटो चालक एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर आया था। वह चला गया। उनकी मौत हो गई है।
इसकी जानकारी पर बड़ी संख्या में परिजन इमरजेंसी पर जुट गए। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति के दोनों हाथों पर खरोंच, जबकि सीने पर डंडे से पिटाई के निशान हैं। उन्होंने पुलिस की पिटाई से भगवान दास की मौत की बात कही। इस पर इमरजेंसी में हंगामा होने लगा। इसकी जानकारी पर कोतवाली और हरीपर्वत क्षेत्र की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने।
इमरजेंसी से शव ले जाने लगे परिजन
शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे परिजन शव को स्ट्रेचर पर लेकर थाना हरीपर्वत की तरफ एमजी रोड पर पैदल खींचकर ले जाने लगे। परिजनों को स्ट्रेचर लेकर जाता देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। पुलिसकर्मी पीछे दौड़ पड़े। परिजन भी दौड़ लगाने लगे। पुलिस ने परिजनों को रोकने का प्रयास किया। महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं।
राजामंडी चौराहे पर पुलिस ने स्ट्रेचर को घेर लिया। इस पर परिजनों की पुलिस से खींचतान और धक्कामुक्की होने लगी। इससे मार्ग पर जाम लग गया। अफरातफरी मच गई। पुलिस और परिजनों के बीच हाथापाई भी हुई। पुलिस ने लाठियां फटकारीं। इसके बाद शव को इमरजेंसी तक लाए। एंबुलेंस में रखकर पोस्टमार्टम गृह ले गए। तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम गृह और मंडी सईद खां में पुलिस बल तैनात की गई।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि चीता मोबाइल बैंक चेकिंग कर रही थी। पुलिस के सायरन बजाने पर एचडीएफसी बैंक के पास खाली मैदान में बैठे लोग भागने लगे। वो संभवत: जुआ खेल रहे थे। भागने वालों में भगवानदास भी शामिल था। वह अचानक गिर पड़ा। इस पर साथी आटो चालक इमरजेंसी लाया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस पर पिटाई का आरोप निराधार है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी है।