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Agra News: गोदाम में बिना लाइसेंस बन रहा था रिफाइंड, लगाई सील
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आगरा। नरायच स्थित मोहन नगर में बिना लाइसेंस एक गोदाम में रिफाइंड बनाना पकड़ा गया। खुला रिफाइंड लाकर 5 और 15 लीटर के टिन में उसे पैक किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने माैके से 5.34 लाख रुपये कीमत का माल जब्त किया। दो नमूने भी भरे गए हैं। मालिक के सामने न आने पर गोदाम को सील कर दिया गया।
मोहन नगर में मेसर्स एमपी एग्रो इंडस्ट्रीज पर टीम ने छापेमारी की। गोदाम नेहरू नगर, जैथरा एटा निवासी सुनील कुमार गुप्ता का बताया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम मालिक नहीं मिला। 4 मजदूर काम कर रहे थे। उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने मालिक से बात कराई मगर वो आया नहीं।
उन्होंने बताया कि गोदाम में दो टैंक बने हुए थे। जिनमें टैंकर से आने वाला रिफाइंड भरा जाता है। इसके बाद रिफाइंड की पैकिंग की जाती थी। कार्रवाई के दौरान फोर्टीवन नाम के रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के 5 लीटर के 60 डिब्बे जिनकी अनुमानित कीमत 54 हजार रुपये है।
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वहीं अन्य ब्रांड के 15 लीटर के 200 टिन बरामद किए गए। इसकी कीमत 4.80 लाख रुपये है। डिब्बे और टिन को जब्त करने के बाद सील लगा दी गई। आशंका है कि पैकिंग करने के बाद बाजार में छोटी दुकानों पर माल सप्लाई किया जाता है। रिफाइंड के दो नमूने लिए गए हैं। इनको जांच के लिए भेजा जाएगा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह परमार एवं चंद्र विजय सिंह शामिल थे।
ब्रांडेड कंपनी जैसी पैकिंग
टीम ने पाया कि रिफाइंड की पैकिंग फोर्टीवन नाम से की जा रही थी। इसकी डिब्बा और टिन भी ब्रांडेड कंपनी की तरह ही था, जिससे बेचे जाने ग्राहक को ज्यादा फर्क नहीं नजर आए। इससे पहले भी यमुनापार इलाके में नकली और बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बनाने के मामले में पकड़े जा चुके हैं।
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मोहन नगर में मेसर्स एमपी एग्रो इंडस्ट्रीज पर टीम ने छापेमारी की। गोदाम नेहरू नगर, जैथरा एटा निवासी सुनील कुमार गुप्ता का बताया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गोदाम मालिक नहीं मिला। 4 मजदूर काम कर रहे थे। उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने मालिक से बात कराई मगर वो आया नहीं।
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उन्होंने बताया कि गोदाम में दो टैंक बने हुए थे। जिनमें टैंकर से आने वाला रिफाइंड भरा जाता है। इसके बाद रिफाइंड की पैकिंग की जाती थी। कार्रवाई के दौरान फोर्टीवन नाम के रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के 5 लीटर के 60 डिब्बे जिनकी अनुमानित कीमत 54 हजार रुपये है।
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वहीं अन्य ब्रांड के 15 लीटर के 200 टिन बरामद किए गए। इसकी कीमत 4.80 लाख रुपये है। डिब्बे और टिन को जब्त करने के बाद सील लगा दी गई। आशंका है कि पैकिंग करने के बाद बाजार में छोटी दुकानों पर माल सप्लाई किया जाता है। रिफाइंड के दो नमूने लिए गए हैं। इनको जांच के लिए भेजा जाएगा। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह परमार एवं चंद्र विजय सिंह शामिल थे।
ब्रांडेड कंपनी जैसी पैकिंग
टीम ने पाया कि रिफाइंड की पैकिंग फोर्टीवन नाम से की जा रही थी। इसकी डिब्बा और टिन भी ब्रांडेड कंपनी की तरह ही था, जिससे बेचे जाने ग्राहक को ज्यादा फर्क नहीं नजर आए। इससे पहले भी यमुनापार इलाके में नकली और बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बनाने के मामले में पकड़े जा चुके हैं।