कोरोना संक्रमण की बेकाबू रफ्तार और लॉकडाउन की आशंका के चलते ताजमहल पर सन्नाटा पसरने लगा है। वीकएंड पर ताजमहल पर होली से पहले जहां 15 से 17 हजार सैलानी पहुंच रहे थे, वहीं सप्ताह भर में ही सैलानियों की संख्या में जबरदस्त गिरावट आई है। शनिवार को ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या महज 7789 रही। केवल ताजमहल पर ही नहीं, बल्कि आगरा किला और फतेहपुर सीकरी पर दोपहर में सन्नाटा पसर गया। किले पर शनिवार को महज 1862 पर्यटक आए।
कोरोना का असर: संक्रमण की बेकाबू रफ्तार से ताजमहल पर सन्नाटा, आधी रह गई सैलानियों की संख्या
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शनिवार को सुबह ताजमहल पर पर्यटक नजर आए, लेकिन दोपहर में 12 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही। पहली बार शनिवार की छुट्टी में ताजमहल का सेंट्रल टैंक और वाटर चैनल का पाथवे सूना रहा। इक्का दुक्का पर्यटक ही यहां नजर आए। मुख्य गुंबद पर सैलानियों की संख्या और भी कम रही। शनिवार को 7789 सैलानियों में से महज 986 ने ही मुख्य गुंबद के अंदर शाहजहां मुमताज की कब्रें देखने का टिकट खरीदा।
होली से पहले शनिवार-रविवार को ताज पर 15,749 और 17,660 पर्यटक आए थे। होली पर इनकी संख्या 13,325 रही, लेकिन अब शनिवार को महज 7789 पर्यटक आए। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और प्रदेश के कई शहरों में रात्रि कर्फ्यू के कारण पर्यटकों ने अपने टूर निरस्त कर दिए हैं। लगातार कैंसिलेशन के ई-मेल आगरा के पर्यटन उद्यमियों पर पहुंच रहे हैं।
ताजनगरी के चार लाख लोगों की रोजीरोटी पर्यटन से चलती है। बीते साल कोरोना संक्रमण के कारण ताजमहल बंद हुआ तो होटल, रेस्टोरेंट, एंपोरियम, गाइड, टूर आपरेटर, फोटोग्राफर, ट्रेवल्स से जुड़े लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया। ताजमहल के 188 दिन बंद होने के कारण ज्यादातर लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर, उधार लेकर अपने व्यवसाय बदल लिए, लेकिन जब ताज खुला तो फिर से पर्यटन कारोबार से जुड़ गए। अब संक्रमण की दूसरी लहर में पर्यटन उद्यमी दहशत में हैं। उनका कहना है कि वह दूसरा झटका झेल नहीं पाएंगे।
छोटे कारीगरों पर पड़ रहा प्रभाव
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर से फरवरी के बीच देसी पर्यटकों की आमद अच्छी थी, पर होली के बाद संक्रमण बढ़ने से एकदम पर्यटक रुक गए। हैंडीक्राफ्ट के छोटे कारीगरों की रोजी रोटी चल रही थी, उस पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
अब फाके के दिन आने वाले हैं
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने कहा कि विदेशी पर्यटक तो एक साल से है नहीं। भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी तो उम्मीद बंधी थी कि भविष्य में कुछ अच्छा होगा, पर संक्रमण की दूसरी लहर ने सब पानी फेर दिया। अब फाके के दिन आने वाले हैं।