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लापरवाह सिस्टमः एसएन में कैंसर की मरीज का पैर चूहे ने कुतरा, नहीं मिला उपचार
Wed, 06 May 2020 10:16 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 06 May 2020 10:16 AM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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लोहामंडी निवासी सराफ इंद्र खंडेलवाल का आरोप है कि एसएन मेडिकल कॉलेज में उनकी कैंसर पीड़ित पत्नी साक्षी (40) का पैर चूहे ने कुतर दिया। वह बेहोश थीं। लहूलुहान होने के बाद जब उन्होंने पैर देखा तो इसकी शिकायत डॉक्टर से की। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने उपचार देने से मना कर दिया और कह दिया कि पत्नी को लेकर घर चले जाओ। इससे पहले निजी अस्पतालों ने भी उपचार से इनकार कर दिया था।
इंद्र ने बताया कि एसएन में चार दिन पहले उन्होंने पत्नी को भर्ती कराया। एक बार थैरेपी दी गई, इससे तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसने दोबारा थैरेपी के लिए कहा। डॉक्टर ने कहा कि शनिवार और सोमवार को थैरेपी नहीं होती है। इस बीच कोरोना जांच कराई गई।
इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद सोमवार को भी कोई थैरेपी नहीं की गई। रात में पत्नी का पैर चूहे ने कुतर दिया। इंद्र का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में बड़ी संख्या में चूहे हैं। उन्होंने इसका वीडियो भी जारी किया जो वायरल हो गया। उन्होंने बताया कि पत्नी की हालत बेहद गंभीर है लेकिन मजबूरी में घर लाना पड़ा है।
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इंद्र ने बताया कि एसएन में चार दिन पहले उन्होंने पत्नी को भर्ती कराया। एक बार थैरेपी दी गई, इससे तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसने दोबारा थैरेपी के लिए कहा। डॉक्टर ने कहा कि शनिवार और सोमवार को थैरेपी नहीं होती है। इस बीच कोरोना जांच कराई गई।
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इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद सोमवार को भी कोई थैरेपी नहीं की गई। रात में पत्नी का पैर चूहे ने कुतर दिया। इंद्र का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में बड़ी संख्या में चूहे हैं। उन्होंने इसका वीडियो भी जारी किया जो वायरल हो गया। उन्होंने बताया कि पत्नी की हालत बेहद गंभीर है लेकिन मजबूरी में घर लाना पड़ा है।
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निजी अस्पताल में फीस लेकर भी नहीं देखा
इंद्र कुमार ने बताया कि पत्नी का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर वह सबसे पहले वहीं गए। स्टाफ ने 500 रुपए लेकर डॉक्टर से फोन पर बात कराई। डॉक्टर ने कह दिया कि वह नहीं आ सकते हैं।
इस पर दूसरे अस्पताल में गया। वहां जवाब मिला, जहां पहले से उपचार चल रहा है, वहीं जाओ। निराश होकर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल के पास गए। उन्होंने एसएन में फोन किया। तब पत्नी को भर्ती किया गया था।
वार्ड ब्यॉय ने पट्टी तक नहीं की
इंद्र ने बताया कि पत्नी के पैर से खून निकलता देख उन्होंने वार्ड ब्यॉय से कहा कि पट्टी कर दे लेकिन उसने इनकार कर दिया। इस पर वह खुद बाजार से दवा और पट्टी लेकर आए। पत्नी के पैर पर दवा लगाकर पट्टी बांधी।
इससे शर्मनाक और क्या होगा : शबाना
कांग्रेस की प्रदेश महासचिव शबाना खंडेलवाल ने इस घटना पर कहा है कि इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। मरीजों को न निजी अस्पताल में उपचार मिल रहा है और न ही सरकारी में। आखिर लोग कहां जाएं? सरकार क्या कर रही है?
इंद्र कुमार ने बताया कि पत्नी का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर वह सबसे पहले वहीं गए। स्टाफ ने 500 रुपए लेकर डॉक्टर से फोन पर बात कराई। डॉक्टर ने कह दिया कि वह नहीं आ सकते हैं।
इस पर दूसरे अस्पताल में गया। वहां जवाब मिला, जहां पहले से उपचार चल रहा है, वहीं जाओ। निराश होकर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल के पास गए। उन्होंने एसएन में फोन किया। तब पत्नी को भर्ती किया गया था।
वार्ड ब्यॉय ने पट्टी तक नहीं की
इंद्र ने बताया कि पत्नी के पैर से खून निकलता देख उन्होंने वार्ड ब्यॉय से कहा कि पट्टी कर दे लेकिन उसने इनकार कर दिया। इस पर वह खुद बाजार से दवा और पट्टी लेकर आए। पत्नी के पैर पर दवा लगाकर पट्टी बांधी।
इससे शर्मनाक और क्या होगा : शबाना
कांग्रेस की प्रदेश महासचिव शबाना खंडेलवाल ने इस घटना पर कहा है कि इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। मरीजों को न निजी अस्पताल में उपचार मिल रहा है और न ही सरकारी में। आखिर लोग कहां जाएं? सरकार क्या कर रही है?
डीएम ने दिए जांच के आदेश
वायरल वीडियो की जानकारी मिलने पर डीएम प्रभु एन सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एसएन प्राचार्य का नहीं उठा फोन
इस मामसे में एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का पक्ष लेने के लिए उन्हें फोन किया गया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज भी किया लेकिन उनका पक्ष नहीं आया।
वायरल वीडियो की जानकारी मिलने पर डीएम प्रभु एन सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एसएन प्राचार्य का नहीं उठा फोन
इस मामसे में एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का पक्ष लेने के लिए उन्हें फोन किया गया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज भी किया लेकिन उनका पक्ष नहीं आया।