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Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज पर आज बन रहा ये दुर्लभ योग, शिव परिवार की करें पूजा; होगा लाभ भी लाभ
Fri, 06 Sep 2024 08:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 06 Sep 2024 08:12 AM IST
सार
Hartalika Teej 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं।
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भगवान शिव का रुद्राभिषेक
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हरितालिका तीज पर शुक्रवार को दुर्लभ योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि हरतालिका तीज की तिथि बृहस्पतिवार को दोपहर 12:21 से शुक्रवार को अपराह्न 3:01 बजे तक है।
सूर्य उदय से तिथि गणना के अनुसार शुक्रवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। हरतालिका तीज पर ब्रह्म योग, शुक्ल योग, रवि योग, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दुर्लभ योग में शिव परिवार की पूजा करने से व्रती महिलाओं की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। बटेश्वर के गौरीशंकर मंदिर में शिव परिवार सहित विराजे हैं। पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि यहां शिव-पार्वती के साथ गणेशजी और नंदी की प्रतिमा भी है।
इस तरह करें पूजा
सुंदर मंडप बनाकर केले की चौकी में लाल कपड़ा रखकर माता पार्वती, गणेश और शिवजी को स्थापित करें। बेलपत्र,चंदन, पुष्प, धूप, दीप चढ़ाने के बाद कामना के लिए संकल्प करना चाहिए। पूजा में कथा सुनकर आरती करनी चाहिए। रात में जागरण करना चाहिए। ऐसा करने से माता पार्वती और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
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सूर्य उदय से तिथि गणना के अनुसार शुक्रवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। हरतालिका तीज पर ब्रह्म योग, शुक्ल योग, रवि योग, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दुर्लभ योग में शिव परिवार की पूजा करने से व्रती महिलाओं की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। बटेश्वर के गौरीशंकर मंदिर में शिव परिवार सहित विराजे हैं। पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि यहां शिव-पार्वती के साथ गणेशजी और नंदी की प्रतिमा भी है।
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इस तरह करें पूजा
सुंदर मंडप बनाकर केले की चौकी में लाल कपड़ा रखकर माता पार्वती, गणेश और शिवजी को स्थापित करें। बेलपत्र,चंदन, पुष्प, धूप, दीप चढ़ाने के बाद कामना के लिए संकल्प करना चाहिए। पूजा में कथा सुनकर आरती करनी चाहिए। रात में जागरण करना चाहिए। ऐसा करने से माता पार्वती और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
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